
रीता मिश्रा तिवारी, भागलपुर
प्रेम से बोलो – जय श्री राम।
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में,
पूर्णिमा तिथि को जन्मे
राम के प्यारे हनुमान।
केशरी नंदन, अंजनी के लाल,
सबकी बिगड़ी बनाने वाले,
संकट मोचन, राम भक्त,
जय श्री हनुमान।
लंका जारी सिया सुधि लाए,
लक्ष्मण के तुम प्राण बचाए,
राम के प्यारे पवनपुत्र,
जय श्री हनुमान।
हे अंजनी के लाला, तेरा नाम निराला,
भक्तों के तुम हो रखवाले,
संतों को तुम दर्शन देते,
हे राम के प्यारे,
जय श्री हनुमान।
इन रचनाओं को भी पढ़ें और अपनी टिप्पणी दें
महाबली हनुमान जयंती
संकटमोचन हनुमान
चेतना और मनुष्य का संवाद
खामोश रिश्ते
