महिदपुर रोड ने खोई अपनी ‘विमला भाभी’

तीन पीढ़ियों को जन्म देने वाली दाई अब नहीं रहीं

सुरेश परिहार, लाइव वॉयर न्यूज, पुणे

महिदपुर रोड,
महिदपुर रोड के पुराने पीपल के पास रहने वाली मशहूर पारंपरिक दाई ‘ विमला भाभी’ का निधन हो गया. विमला भाभी स्वर्गीय मांगीलाल जी चौहान की धर्मपत्नी, कैलाशचंद्र चौहान, स्व.रमेशचंद्र चौहान की भाभीजी तथा लोकेंद्र, नरेंद्र, स्वर्गीय मनोज की माताजी तथा अंकित की दादी जी विमला बाई चौहान का निधन शनिवार शाम को हो गया. तीन पीढ़ियों को अपनी हथेलियों में जन्म लेकर इस दुनिया में लाने वाली भाभी के जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पसर गई है. जिन सैकड़ों महिलाओं को उन्होंने सुरक्षित प्रसव कराया था, वे आज अपने बच्चों को सीने से लगाए भाभी को याद कर रही हैं.
गॉंव की पहली पुकार ‘विमला भाभी’ को बुलाओ
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रसव का समय आते ही महिलाओं और परिजनों की पहली आवाज़ यही होती थी. भाभी को बुलाओ, सब ठीक हो जाएगा. उनकी उपस्थिति भर से प्रसव पीड़ा से जूझती महिलाओं में एक अनोखा भरोसा जग जाता था. भाभी ने दशकों तक कठिन परिस्थितियों में भी प्रसव करवाकर असंख्य मॉं-बच्चों को जीवनदान दिया.
तीन पीढ़ियॉं एक ही हाथों से जन्मीं
भाभी की सबसे बड़ी पहचान यही थी कि उन्होंने एक ही परिवार की दादी, मॉं, पोती, तीनों पीढ़ियों का प्रसव कराया था. कई परिवार बताते हैं कि उनके घरों के रिश्तों से पहले भाभी की हथेलियों से बना विश्वास का रिश्ता मजबूत था.
सरल जीवन, महान सेवा
भाभी का जीवन अत्यंत सादा था. एक पुरानी थैली, कुछ ज़रूरी दवाइयॉं, गर्म पानी के लोटे और भगवान का नामबस यही उनका संसार था. न कोई आधुनिक साधन, न अस्पतालों जैसी सुविधाएँ लेकिन उनके पास था अनुभव, साहस, और मातृत्व से भरी ममता, जो हर मुश्किल प्रसव को आसान बना देती थी.भाभी अक्सर कहती थीं-जच्चा- बच्चा को दवाई से पहले भरोसा चाहिए बाक़ी मैं संभाल लूँगी. उनके निधन की खबर मिलते ही पूरा गॉंव शोक में डूब गया. कई महिलाओं ने रोते हुए कहा-अगर उस रात भाभी नहीं होतीं, तो शायद मैं जिंदा नहीं बचती, मेरे बच्चे की पहली सॉंस उन्हीं के हाथों में थी, मेरी मॉं, मैं और मेरी बेटी तीनों को भाभी ने जन्म दिया. अंतिम संस्कार में तीन पीढ़ियों की आँखें नम थीं. लोगों का कहना था कि जैसे ही भाभी की अर्थी उठी, हवा में भी एक अजीब-सी शांति पसरी हुई थी. मानो उन्होंने आसमान में भी किसी नई जिंदगी को जन्म दे दिया हो.
गांव की जन्मदात्री बनकर रहेंगी याद
महिलाओं में चर्चा थी भाभी अब नहीं रहीं, पर उनकी उँगलियों की गर्माहट आज भी हमारे बच्चों की सॉंसों में है. भाभी केवल दाई नहीं थीं,वे कई महिलाओं की दूसरी मॉं, कई बच्चों की पहली रक्षक, और पूरे गॉंव की जीवित विरासत थीं. उनका जाना एक व्यक्ति का निधन भर नहीं, बल्कि एक युग का अंत है. ऐसा युग जिसमें ममता, सेवा और विश्वास ही सबसे बड़ी दवा थे.

22 thoughts on “महिदपुर रोड ने खोई अपनी ‘विमला भाभी’

  1. आपका महिदपुर रोड़ के लिए योगदान याद किया जायेगा। बहुत बहुत श्रद्धांजलि🙏🌺

    1. में अंकित चौहान आप सभी का आभार मानता हु, बहुत बहुत धन्यवाद करता हु जिन्होंने मेरी दादीमा को इतनी गहराई से समझा 🙏🙏और उनके लिए इतनी अच्छी बाते कही ।

      1. मैं हेमंत चौहान बद्री आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं कि आपने हमारी दादी जी जिसे हम प्यार से भाभी भी बोलते थे उनके इस योगदान को अपने आपने याद करउनके जीवन की सफल पूंजी है मैं मेरे परिवार की ओर से आपका आभार व्यक्त करता हूं.

  2. सादर प्रणाम,उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद शब्द छोटा है, परमात्मा उन्हें श्री जूं शरण देवें

  3. आपकी सेवाएं भुलाई नहीं जा सकती है वास्तविक आप सभी के लिए मार्गदर्शक बन कर ईश्वर के चरणों में लीन हुई आत्मीय श्रद्धांजलि देता हूं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं ईश्वर अपने चरणों में उचित स्थान दे

  4. आपकी सेवाएं भुलाई नहीं जा सकती है वास्तविक आप सभी के लिए मार्गदर्शक बन कर ईश्वर के चरणों में लीन हुई आत्मीय श्रद्धांजलि देता हूं। ईश्वर अपने चरणों में उचित स्थान दे

  5. आपका महिदपुर रोड़ के लिए योगदान याद किया जायेगा। बहुत बहुत श्रद्धांजलि🙏

  6. सुरेश भाई आपने शानदार लिखा,
    क ई बरसों पुरानी बातों को आंखों के सामने ला दिया, बहुत खुब

  7. सुरेश भाई आपने शानदार लिखा,
    क ई बरसों पुरानी बातों को आंखों के सामने ला दिया, बहुत खुब

    1. सादर श्रद्धासुमन अर्पित👏💐
      “विमला भाभी” वास्तव में केवल एक नाम ही नही, एक विश्वास था हर एक मातृत्व शक्ति के लिए!!
      जिनके प्रसव हो, प्रसव पूर्व कोई काम हो चाहे प्रसव उपरांत जच्चा, बच्चा दोनो को ही विमला दाई के इन हाथो ने हमेशा सहयोग दिया है,,
      हर एक मातृत्व को अब यही चिंता रहेगी, की विमला भाभी जैसा उनके बच्चे की मालिश कोन करेगा, प्रसव में पूर्ण सुरक्षा एवम विश्वास से सहयोग कोन करेगा।।
      प्रभु इसी जन्मदात्री को अपने श्री चरणों में स्थान दे👏👏

  8. विमला भाभी एक करुणा का सागर थी दया का सागर थी ग्रामीण क्षेत्र के लोग आसपास के लोग हमेशा आते हुए देखा था रात में 2:00 बजे भी अगर कोई काम पड़ जाता था और भाभी को उठाने जाते थे तुरंत तैयार भावपूर्ण श्रद्धांजलि

  9. सादर श्रद्धांजलि बाई
    💐💐🙏💐💐
    मेरी माता जी (ANM नर्स) के साथ भी बाई ने कार्य किया और बाई का व्यवहार गांव में सभी के साथ बहुत ही सरल, मधुर और पारिवारिक था !

    1. एक समाजसेवी महिला के निधन पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि:
      आज, हमने एक ऐसी महिला को खो दिया है, जिसने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित कर दिया था। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनकी स्मृति में, हम उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हैं और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।
      ओम शांति!

  10. महिदपुर रोड और महिदपुर रोड के बाहर के लोगों ने भी विमला भाभी के प्रति जो अपनी श्रद्धांजलि दी है. उन सभी का दिल से आभार. आपके आसपास भी कोई ऐसी शख्सियत हो जो निःस्वार्थ भाव से समाजसेवा करते हैं उनके बारे में आप भी लिखकर भेजिए. आपकी रचनाओं और रिपोर्ट का लाइव वॉयर न्यूज में स्वागत है. –

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