खुशनसीब प्रेमिकाएँ…
खुशनसीब प्रेमिकाएँ वो होती हैं जिनके प्रेम में बड़े वादे नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सच्ची खुशियाँ होती हैंसुबह की चाय, सम्मान, साथ और एक सुकून भरा रिश्ता। यह कविता सच्चे प्रेम की उसी खूबसूरत सादगी को दर्शाती है।

खुशनसीब प्रेमिकाएँ वो होती हैं जिनके प्रेम में बड़े वादे नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सच्ची खुशियाँ होती हैंसुबह की चाय, सम्मान, साथ और एक सुकून भरा रिश्ता। यह कविता सच्चे प्रेम की उसी खूबसूरत सादगी को दर्शाती है।
“कुछ रिश्ते होते हैं, जो बिना नाम के भी ज़िंदा रहते हैं। न वे समाज से मान्यता चाहते हैं, न किसी वादे की ज़रूरत होती है। बस एक मौन जुड़ाव होता है—जिसमें न कोई अधिकार होता है, न अपेक्षा। चितरा और सत्य का रिश्ता भी कुछ ऐसा ही था—जहां भावनाएं थीं, गहराई थी, पर कोई दावा नहीं था। यह प्यार था, लेकिन ऐसा प्यार जो छूने से पहले ही समझ जाता है, जो मिलने से पहले ही विदा ले लेता है। एक ऐसा रिश्ता जिसे शब्द नहीं बाँध सकते, पर आत्मा पहचान लेती है।”