Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
ट्रैफिक सिग्नल पर कार में बैठी उदास मृणालिनी और पास की कार में उसे देखते डॉक्टर मृगांक का भावनात्मक दृश्य।

मृणालिनी

“कभी-कभी जिंदगी में मिलने वाले लोग प्रेम नहीं, आईना बनकर आते हैं…
पति की बेवफाई और भीतर के अकेलेपन से टूट चुकी मृणालिनी की जिंदगी एक ट्रैफिक सिग्नल पर बदलने लगती है, जहां उसकी मुलाकात डॉक्टर मृगांक से होती है। एक अनकहा भावनात्मक रिश्ता जन्म लेता है जिसमें आकर्षण है, अपनापन है, लेकिन मर्यादा भी है। यह कहानी प्रेम, आत्मसम्मान और घर टूटने व बचने के बीच की नाजुक रेखा को छूती है।”

Read More