मैं कहीं भी नहीं थी…
यह कविता एक ऐसी स्त्री की आवाज़ है जो हर जगह मौजूद होते हुए भी कहीं दर्ज नहीं थी। यह उसकी पहचान, उसकी अनसुनी चीख और उसके जीवित रहने के अधिकार की मार्मिक अभिव्यक्ति है।

यह कविता एक ऐसी स्त्री की आवाज़ है जो हर जगह मौजूद होते हुए भी कहीं दर्ज नहीं थी। यह उसकी पहचान, उसकी अनसुनी चीख और उसके जीवित रहने के अधिकार की मार्मिक अभिव्यक्ति है।
“इश्क कीजिए” एक कोमल और संवेदनशील हिंदी कविता है, जो दिल की उदासी, यादों की दस्तक और अनायास जन्म लेने वाले प्रेम के एहसास को शब्द देती है। यह कविता बताती है कि इश्क केवल किसी और से नहीं, बल्कि खुद पर विश्वास रखने का भी नाम है।
“मुस्कुराना लाजमी है” एक प्रेरणादायक हिंदी कविता है, जो जीवन के संघर्षों, टूटे सपनों और धोखे भरी दुनिया में भी मुस्कुराते रहने का संदेश देती है। यह रचना बताती है कि प्रेम पाना हो, दोस्ती बढ़ानी हो या ऊँचाइयों को छूना हो हर परिस्थिति में मुस्कान ही सबसे बड़ी ताकत है।
कैसे हो आप?” एक स्नेह, उलझन और गहराई से भरी हिंदी कविता है। इसमें प्यार की मासूम कश्मकश, गुस्से में छिपा अपनापन और रिश्तों की मिठास को बेहद सरल और दिल को छू लेने वाले अंदाज़ में व्यक्त किया गया है।
“प्रेम का आगमन” एक ऐसी भावनात्मक कविता है जो प्रेम के प्रथम स्पर्श की सुगंध, मिलन की उजली आभा और विरह की गहरी पीड़ा तीनों अवस्थाओं को संवेदनशील शब्दों में चित्रित करती है। यह रचना बताती है कि प्रेम जीवन में उजाला और पूर्णता लाता है, परंतु बिछड़ने पर वही स्मृतियाँ आत्मा को झकझोर देती हैं। प्रेम की मधुरता और उसके बाद की रिक्तता का यह मार्मिक चित्रण पाठक के हृदय को छू जाता है।
शब्दों से परे प्रेम की एक कोमल अनुभूति “ख़ामोश प्रेम-पत्र” उस भावना को बयान करती है, जहाँ लिखना नहीं, महसूस करना ही प्रेम है।
महिदपुर रोड में साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश। गुरुदेव जयघोष, धर्मसभा और रतलाम चातुर्मास निमंत्रण।
यह कविता प्रेम में आए भावनात्मक बदलावों और रिश्ते की अनिश्चितताओं को बेहद कोमलता से व्यक्त करती है. प्रिय के बदलते व्यवहार को कवि बदलते मौसम से जोड़ता है. कविता में प्रेम, असुरक्षा, समर्पण और आपसी ज़रूरत की भावना गहराई से उभरती है. अंत में यह विश्वास व्यक्त होता है कि भले ही मौसम बदले, लेकिन सच्चे रिश्ते स्थिर रहते हैं.