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प्रेम का आगमन

हल्की बारिश में सूर्यास्त के समय खड़े प्रेमी युगल का भावनात्मक दृश्य हल्की बारिश में सूर्यास्त के समय खड़े प्रेमी युगल का भावनात्मक दृश्य

गुरप्रीत कौर, प्रसिद्ध लेखिका, बठिंडा

प्रेम का आगमन खुशियों से भरपूर होता है,
हवा सुगंधित लगने लगती है।
मानो किसी ने इत्र की बोतल खोल दी हो,
प्रेमी से मिलन त्योहार की खुशियों सा लगता है।।

प्रेमी का स्पर्श बरसात की बूँद सा लगता है,
और प्रेम बरसात की बौछार सा।
दीदार हो जाए तो यूँ लगता है मानो अभी दिन चढ़ा हो,
इससे पहले तो आँखों के सामने गहरा काला अँधेरा ही था।।

चेहरे पर ऐसी रौनक आ जाती है,
जैसे अब कुछ अधूरा रहा ही न हो, सब पूरा हो गया हो।
इस पल का कब से इंतज़ार था,
अगर बिन बताए मुलाकात हो जाए तो।।

ऐसा लगता है मानो किसी ने मनपसंद चीज़ सामने रख दी हो।
प्रेम हमारे जीवन में आता है अकेलापन दूर करने के लिए,
लेकिन जब प्रेमी चला जाए तो उजाड़ जाता है हमारी रूह को।
उसकी यादें नोच लेती हैं जिस्म को कतरा-कतरा।।

साँस लेने भर को जीना नहीं कहते,
वह अपने साथ तमाम चीजें ले जाता है।
प्रेम, वफ़ा, वादे सब छीन ले जाता है, बना जाता है हमें बेपरवाह,
ऐसा कि फिर कभी किसी पर दिल विश्वास न कर पाए।।

2 thoughts on “प्रेम का आगमन

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