Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
चाँदनी रात में खिड़की के पास चिंतन में बैठी एक महिला के सामने स्वप्न में प्रकट हुआ एक प्राचीन भारतीय बादशाह, जिसकी शांत मुद्रा अतीत से सीख लेकर वर्तमान और भविष्य की ओर बढ़ने का संदेश देती है।

गुज़ारिश

‘गुज़ारिश’ एक गहन चिंतनशील कविता है, जिसमें स्वप्न में आए एक गुज़रे दौर के बादशाह के माध्यम से अतीत, इतिहास, समय और वर्तमान पर सार्थक संवाद प्रस्तुत किया गया है। कविता यह संदेश देती है कि बीते समय की गलतियों में उलझकर वर्तमान और भविष्य को नहीं खोना चाहिए। कर्म, सकारात्मक सोच और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने का संदेश देने वाली यह रचना पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है

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हम बच्चे हैं…

यह रचना युद्ध और विनाश के बीच मासूम बच्चों की दृढ़ता और आशा को सामने लाती है। चारों ओर मलबा, बारूद की गंध और प्रियजनों की लाशों का दर्द भरा माहौल है, लेकिन बच्चे अब भी खेल रहे हैं, हँस रहे हैं और जीवन को थामे हुए हैं। उनकी हँसी एक विरोधाभास है—जहाँ दुख का महासागर गहरा है, वहीं उनकी निश्छलता और दिलकश मुस्कान उम्मीद की किरण जगाती है।

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