तेरा एहसास बनारसी
बनारस के पान से लेकर अस्सी और मणिकर्णिका घाट तक, प्रेम के अनोखे बिंबों में बुनी यह कविता एहसास, इंतज़ार और मोहब्बत की खूबसूरत कहानी कहती है.

बनारस के पान से लेकर अस्सी और मणिकर्णिका घाट तक, प्रेम के अनोखे बिंबों में बुनी यह कविता एहसास, इंतज़ार और मोहब्बत की खूबसूरत कहानी कहती है.
सावन की बदली, भीगी पलकें, कोयल की कूक और मन में उतरती प्रेम की याद. ‘मन अमराई महकी रे’ रिश्तों, प्रकृति और प्रीत के मधुर एहसासों से सजी भावपूर्ण हिंदी कविता है.
कभी-कभी जिंदगी की भागदौड़ से दूर जाकर खुद के साथ कुछ पल बिताने का मन करता है। ‘खुद से मिलने की तमन्ना’ उसी इच्छा की कविता है, जहाँ समुद्र, पहाड़, हवा और ढलता सूरज मन की आज़ादी के प्रतीक बन जाते हैं।
मिट्टी से बने इस शरीर और संसार की नश्वरता को समझाती यह कविता याद दिलाती है कि धन, मान-सम्मान और रिश्ते सब यहीं रह जाते हैं. जीवन में जब तक साँसें हैं, प्रेम बाँटना ही सबसे बड़ी सार्थकता है।
प्यासी पलकें प्रेम और विरह की उस बेचैनी को बयां करती हैं, जहाँ यादें हर पल साथ रहती हैं, मगर प्रेम की प्यास फिर भी अधूरी रह जाती है।
कुछ मोहब्बतें फूलों की तरह होती हैं. मुरझा जाती हैं, मगर उनके भीतर एक बीज बचा रहता है. वक्त और इंतज़ार के बाद वही प्रेम फिर किसी सुबह खिल उठता है.
अगर मृत्यु के बाद इंसान अपने जीवन का हिसाब खुद देख सके, तो उसके पास क्या बचेगा—धन, दौलत, रिश्ते या केवल कर्म? “मुर्दों की हुई सभा” इसी सवाल के माध्यम से जीवन का गहरा सच सामने रखती है।
गिरकर, टूटकर और बिखरकर भी जो फिर खड़ी हो जाए, वही असली कहानी है। “मैं एक कहानी हूँ” आत्मसम्मान, संघर्ष, हौसले और अपनी पहचान खुद बनाने की जिद को शब्द देती एक प्रेरणादायक कविता है।
उम्र के साथ बदलती जिंदगी, ढलती जवानी, कमजोर पड़ती ताकत और वक्त के बदलते रंगों की सच्चाई को बयां करती यह भावपूर्ण कविता इंसान को अपने आज पर घमंड न करने और दूसरों को खुश रखने का संदेश देती है.