प्यार
प्यार में मर्यादा
प्यार सिर्फ एक एहसास नहीं, बल्कि किसी की ख़ामोशी को समझ लेने का नाम है। सोशल मीडिया के इस दौर में रिश्ते जल्दी बन जाते हैं, लेकिन उन्हें खूबसूरत बनाए रखने के लिए प्रेम के साथ मर्यादा, सम्मान और संवेदनशीलता भी ज़रूरी है।
कैसे हो आप ?
कैसे हो आप?” एक स्नेह, उलझन और गहराई से भरी हिंदी कविता है। इसमें प्यार की मासूम कश्मकश, गुस्से में छिपा अपनापन और रिश्तों की मिठास को बेहद सरल और दिल को छू लेने वाले अंदाज़ में व्यक्त किया गया है।
इज़हार प्यार का
इज़हार प्यार का” एक भावपूर्ण हिंदी कविता है, जो रिश्तों में विश्वास, जज़्बात और प्रेम की अहमियत को दर्शाती है। यह कविता बताती है कि इज़हार ही रिश्तों को मजबूत और जिंदगी को खूबसूरत बनाता है।
एक कतरा प्यार
वह मुझसे नहीं, मेरे वजूद के सिर्फ एक छोटे से अंश से प्यार कर बैठा। उसे शायद अंदाज़ा भी नहीं कि मेरे बाकी हिस्सों में कितनी कहानियाँ, कितने घाव और कितनी चुप्पियाँ दबी पड़ी हैं। मेरी हँसी के पीछे छुपे आँसू, मेरे सुकून के पीछे की बेचैनी, और मेरी तन्हाइयों के पीछे की चीखें ये सब उसकी समझ से बहुत दूर हैं।
कभी-कभी गलतफ़हमी
कभी-कभी हमें भ्रम हो जाता है कि सामने वाला सच में प्यार करता है उसकी बातों में अपनापन दिखता है, इकरार के लम्हे भी सच्चे लगते हैं। वह गले लगकर समझने का दावा तो करता है, पर दुनिया के सामने वही समझ कमज़ोर पड़ जाती है और हमारी नासमझी गिनाई जाती है। मन जैसा चाहे वैसा प्यार दे भी दे, और इल्ज़ामों की बरसात भी उसी मन से कर दे तब रिश्ते बोझ बनते देर नहीं लगती।
बालकनी से दिल तक…
शादी के 25 वर्ष बीत गए समय कैसे गुजरा पता ही नहीं चला । अपने परिवार की मर्जी के विरुद्ध किसी लड़के का हाथ थाम कर अपने जीवन सफर पर निकल जाना मेरे लिए कांटों से भरा रास्ता था , पर चुनाव मेरा था और कांटे मिले या फूल यह मेरी किस्मत. समय बदला उनकी ना धीरे-धीरे हां में बदलने लगी
आदत जो बदलनी नहीं चाहिए
थकान भरे दिन के बाद उसका एक मैसेज आया “चाय बनाओ, खिड़की खोलो, और कविताएं लिखो, मानो मैं भी वहीं बैठा हूं।”वो न “आई लव यू” कहता है, न कोई नाटक करता है, फिर भी जाने कैसे सारी थकान मिटा देता है। शायद सच है .उम्र के इस पड़ाव पर प्यार शब्द नहीं माँगता, बस किसी का थोड़ा-सा होना ही काफी होता है।
अनदेखे से प्यार
मुझे किसी अनदेखे से प्यार है ऐसा प्यार जो किसी चेहरे, आवाज़ या उपस्थिति का मोहताज नहीं. वह बस मेरी कल्पना में बसा है, मेरी सोच में साँस लेता है. लोग कहते हैं, यह पागलपन है, पर अगर दिल को सुकून मिलता है तो इसे क्या नाम दूँ? एक बार किसी को दिल में जगह दे दी, तो वही मेरा सच बन गया. मुझे झूठ से हमेशा ऩफरत रही है, इसलिए यह एहसास भी पूरी सच्चाई से भरा है. मुझे जीवन के फूल ही नहीं, उसके काँटे भी प्रिय हैं क्योंकि दर्द भी तो किसी गहराई से आता है. मुझे उन खिड़कियों से प्यार है, जहाँ से मैं दुनिया को देखती हूँ वही खिड़कियाँ शायद उस अनदेखे तक पहुँचने का रास्ता हैं.
