अगर मुड़ के देखे, जो तू मुझको एक बार…
कभी कोई लौटकर सिर्फ एक बार मुड़कर देख ले, तो बरसों की रंजिशें मिट सकती हैं। यह कविता प्रेम, इंतज़ार, विरह और बीते पलों की उन यादों को स्वर देती है, जो आज भी दिल में जीवित हैं।

कभी कोई लौटकर सिर्फ एक बार मुड़कर देख ले, तो बरसों की रंजिशें मिट सकती हैं। यह कविता प्रेम, इंतज़ार, विरह और बीते पलों की उन यादों को स्वर देती है, जो आज भी दिल में जीवित हैं।
कभी किसी के लौटने की प्रतीक्षा समाप्त हो जाती है, लेकिन प्रेम समाप्त नहीं होता. “तुम्हारा प्रेम” इसी अनकहे और अधूरे प्रेम की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है.
कभी किसी की मुस्कान, उसकी शरारत और छोटी-छोटी ज़िदें यादों में इस तरह बस जाती हैं कि मन बार-बार एक ही सवाल पूछता है—अब उसे मेरी याद नहीं आती क्या?
प्रेम की प्यास, विरह की पीड़ा और टूटते संयम के बीच मन की गहरी बेचैनी को स्वर देती यह कविता आँसुओं से भरी ज़िंदगी और अधूरे प्रेम की भावनात्मक कहानी कहती है.
गुलमोहर की खामोश निगाहें और रजनीगंधा की अनकही खुशबू—दो ऐसे एहसास, जिनके बीच प्रेम कभी शब्द नहीं बनता, फिर भी सब कुछ कह जाता है।
कुछ रिश्ते भले ही जीवन से चले जाएँ, लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं। यह कविता बिछड़ने के बाद भी दिल में बसे प्रेम, अधूरी मुलाकातों, बारिश की स्मृतियों और अनकहे एहसासों को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है।
कुछ रिश्ते टूटते नहीं, बस धीरे-धीरे उनकी आवाज़ें बंद हो जाती हैं। ‘अधूरी बातें’ एक ऐसी भावुक कहानी है, जिसमें दो लोग एक-दूसरे को समझते हैं, सपनों को उड़ान देते हैं, लेकिन जीवन की राहों में कहीं बिछड़ जाते हैं। यह कहानी प्रेम, प्रतीक्षा और खामोशियों की अनकही दास्तान है।
कभी-कभी सच्चा प्रेम किसी को पा लेने में नहीं, बल्कि उसकी आत्मा को फिर से जीवित कर देने में छिपा होता है। राघव और रिद्धिमा की यह कहानी प्रेम, स्वतंत्रता और आत्मीयता के उसी गहरे एहसास को महसूस कराती है।