
सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज़, पुणे
पुणे। अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन), पुणे की ओर से आयोजित श्री श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। “जय जगन्नाथ”, “जय बलराम” और “जय सुभद्रा” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। यात्रा में हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन पर नृत्य करते हुए भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया।
रथयात्रा का शुभारंभ टिलक रोड स्थित एस.पी. महाविद्यालय से हुआ। इस्कॉन कात्रज-कोंढवा मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की विग्रह प्रतिमाओं को विशेष रूप से सुसज्जित 20 फीट ऊंचे रथ पर विराजमान किया गया। पुष्पों और रंग-बिरंगे वस्त्रों से सजे रथ का पुणेवासियों ने मार्गभर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्रा में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक वाद्य, आकर्षक फव्वारे, हाइड्रोलिक हाथी तथा छत्रपति शिवाजी महाराज, नृसिंह देव, वराह देव और भगवान बालाजी की वेशभूषा में कलाकार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

इस अवसर पर इस्कॉन के वरिष्ठ संत लोकनाथ स्वामी, मंदिर अध्यक्ष राधेश्याम प्रभु, महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की आरती कर रथयात्रा का शुभारंभ किया।
रथयात्रा एस.पी. महाविद्यालय, बाजीराव रोड, लक्ष्मी रोड, ओंकारेश्वर मंदिर, जंगली महाराज रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः एस.पी. महाविद्यालय पहुंची, जहां समापन समारोह आयोजित किया गया। मार्गभर श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता एवं भागवत आधारित साहित्य तथा प्रसाद वितरित किया गया।
समारोह के अंत में भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं ने स्थल पर महाप्रसाद ग्रहण किया, जबकि रथयात्रा मार्ग पर करीब एक लाख महाप्रसाद पैकेट वितरित किए गए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए स्वयंसेवकों ने यात्रा समाप्त होने के बाद पूरे मार्ग पर फैले प्लास्टिक और अन्य कचरे को भी एकत्र कर स्वच्छता का उदाहरण प्रस्तुत किया।
