शब्दों का आचरण
यह लघुकथा ज्ञान और आचरण के अंतर को उजागर करती है। जो ऋषि संसार को करुणा का उपदेश देता है, वही अपने घर में उसे जी नहीं पाता। अंततः शब्दों की खोखली चमक टूटती है और सच्चे आत्मबोध का जन्म होता है पर एक अपूरणीय क्षति के साथ।

यह लघुकथा ज्ञान और आचरण के अंतर को उजागर करती है। जो ऋषि संसार को करुणा का उपदेश देता है, वही अपने घर में उसे जी नहीं पाता। अंततः शब्दों की खोखली चमक टूटती है और सच्चे आत्मबोध का जन्म होता है पर एक अपूरणीय क्षति के साथ।
ज़िंदगी के नाम लिखा गया एक आत्मीय ख़त है, जिसमें जीवन की सुंदरता और कठिनाइयों दोनों को स्वीकारते हुए, उससे साथ निभाने और हर हार में संबल देने की विनती की गई है।
त्यौहार खुशी की साझा भाषा हैं, जो धर्म और परंपराओं से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ते हैं। सोशल मीडिया के दौर में आवश्यकता है कि हम भिन्नताओं का सम्मान करते हुए, एक-दूसरे की खुशियों में सहभागी बनें और “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को अपनाएँ।
संत पवन के आगमन से मन का मधुबन महक उठा है कलियों की आँखें खुलीं, भंवर गूंजे, तितलियाँ थिरकीं और कोकिला के गीतों से आँगन भर गया। पतझड़ की थकान भूलकर प्रकृति फिर से उत्सव में ढल गई।
यह कविता ज्ञान को रूप, रस, शब्द, अनुभव और विवेक के समग्र स्वरूप में प्रस्तुत करती है। बालक के ‘क, ख, ग’ से लेकर विद्वान की विरासत तक ज्ञान को जीवन, संघर्ष, विनम्रता और सहानुभूति की निरंतर यात्रा के रूप में रेखांकित करती है।
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना में चतुर्वेदी प्रतिभा मिश्र साहित्य सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि रांची से पटना तक की वह भावनात्मक यात्रा थी जिसमें परिवार, गाँव, मायका और साहित्यिक रिश्तों का आत्मीय संगम साकार हुआ। यह सम्मान वर्ष 2025 के अंत में जीवन को कृतज्ञता और आनंद से भर देने वाला क्षण बन गया।
भारत के एविएशन सेक्टर में बड़ा धमाका हुआ है. लंबे समय से चले आ रहे एयरलाइन डुपोली को सीधी चुनौती देते हुए सरकार ने तीन नई एयरलाइंस को संचालन की मंजूरी दे दी है. अल हिंद एयर, फ्लाईएक्सप्रेस और शंख एयर को टेकऑफ की हरी झंडी मिलते ही विमानन उद्योग में हलचल तेज हो गई है
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है. आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म दुनियाभर में 900 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है. इसके साथ ही धुरंधर वर्ष 2025 की पहली भारतीय फिल्म बन गई है, जिसने वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा पार किया है. तीसरे हफ्ते में भी फिल्म की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही, जिससे इसके जल्द ही 1000 करोड़ क्लब में शामिल होने की प्रबल संभावना बन गई है.
जब मोबाइल और ई-मेल नहीं थे, तब खत ही रिश्तों की धड़कन हुआ करते थे। पोस्टकार्ड से लेकर लिफाफे तक, हर पत्र में सिर्फ़ खबर नहीं, पूरा जीवन लिखा होता था। यह कहानी उसी इंतज़ार, उस स्याही और उन भावनाओं की है, जो आज भी दिल को भिगो देती हैं।
सिद्धार्थ पारधे का जीवन हमें सिखाता है कि अगर इरादे मजबूत हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो इंसान फुटपाथ से उठकर महलों तक का सफर तय कर सकता है। उनकी विनम्रता, और जमीन से जुड़े रहने की भावना उन्हें बाकी सफल व्यक्तियों से अलग बनाती हैं। उनकी कहानी कंक्रीट के जंगल में संवेदनाओं की जीत की कहानी है।