बस बारह घंटे
दिल्ली से पटना की बारह घंटे की रेल यात्रा में पनपा किशोर प्रेम समाज और संस्कारों की दीवार से टकराकर दबा दिया जाता है, पर उसका मीठा दर्द शेफाली के जीवन भर उसके साथ रहता है।

दिल्ली से पटना की बारह घंटे की रेल यात्रा में पनपा किशोर प्रेम समाज और संस्कारों की दीवार से टकराकर दबा दिया जाता है, पर उसका मीठा दर्द शेफाली के जीवन भर उसके साथ रहता है।
इंदौर रेलवे के पीआरओ खेमराज मीना का अहमदाबाद तबादला हो गया है, जबकि रतलाम से पदोन्नत होकर मुकेश कुमार ने इंदौर में जनसंपर्क की कमान संभाली। विदाई समारोह में मीडिया–प्रशासन के सौहार्दपूर्ण संबंधों पर जोर दिया गया।
शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उज्जैन एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, महिला कार्य, उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में महिला विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “महिला स्वास्थ्य: सर्वोच्च प्राथमिकता” रहा।
यह लेख आत्मा की अमरता, उसके निराकार स्वरूप और परमपिता परमेश्वर से उसके संबंध पर विचार करता है, यह बताते हुए कि शरीर नश्वर है पर आत्मा अजर-अमर है और वही हमारे कर्मों का साक्ष्य रखती है।
सब्ज़ियों की मंडी से शुरू हुई यह स्मृतियों की यात्रा रिश्तों तक पहुँचती है, जहाँ लेखक अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए बताता है कि जैसे सब्ज़ियाँ बासी होकर फेंक दी जाती हैं, वैसे ही आज रिश्ते भी संवेदना के अभाव में डस्टबिन तक पहुँच जाते हैं।
पश्चिम रेलवे ने सुरक्षित रेल परिचालन में सतर्कता और समर्पण का परिचय देने वाले 11 कर्मचारियों को महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया, जिनकी सजगता से संभावित दुर्घटनाएं टल सकीं.
मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री विवेक कुमार गुप्ता ने सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को मध्य रेल वॉल कैलेंडर 2026 का विमोचन किया. इस वर्ष वॉल कैलेंडर की थीम वंदे मातरम के 150 ऐतिहासिक वर्ष रखी गई है, जिसका शीर्षक गीत से आत्मा तक, राष्ट्र को एकजुट करना है
आईआईटी मुंबई ने छात्रावास क्रमांक 4 में पुनर्निर्मित अत्याधुनिक भोजनालय को अपने पूर्व छात्र और वरिष्ठ उद्योगपति डॉ. प्रमोद चौधरी का नाम देकर संस्था और पूर्व छात्रों के स्थायी संबंध का सम्मान किया है.
महिला काव्य मंच का अष्टम अंतरराष्ट्रीय वार्षिकोत्सव, मुंबई में 21 दिसंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। देश-विदेश की 25 इकाइयों की कवयित्रियों और साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पुस्तकों का लोकार्पण, ‘मकाम’ ध्येय गीत की प्रस्तुति और 50 से अधिक कवयित्रियों का काव्य पाठ शामिल था। महाराष्ट्र इकाई को सर्वोत्तम प्रदेश इकाई सम्मान 2024 से नवाजा गया।