विश्व पुस्तक मेले में उज्जैन की गूंज: ‘व्यंग्य के रंग’ में शामिल डॉ. हरीशकुमार सिंह
राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित व्यंग्य संकलन ‘व्यंग्य के रंग’ में उज्जैन के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरीशकुमार सिंह की रचना का चयन शहर के लिए गौरव का विषय बना।

राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित व्यंग्य संकलन ‘व्यंग्य के रंग’ में उज्जैन के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. हरीशकुमार सिंह की रचना का चयन शहर के लिए गौरव का विषय बना।
सिंहगढ़ रोड की चढ़ाइयों ने Pune Grand Tour 2026 के स्टेज-2 को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। 105.3 किमी की रेस में ल्यूक मुडग्वे ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
बांग्ला लेखिका आशापूर्णा देवी का कथा संसार भारतीय साहित्य की अनुपम उपलब्धि है। हिंदी परिवार द्वारा आयोजित समारोह में डॉ. बूला कार की आलोचना कृति आशापूर्णा तुमि सम्पूर्णा के सात खंडों का लोकार्पण किया गया।
पुणे की सड़कों पर बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 की भव्य शुरुआत, 35 देशों के 164 अंतरराष्ट्रीय साइकिल खिलाड़ी खिताब की दौड़ में शामिल.
“महिदपुर रोड में RSS शताब्दी वर्ष के अवसर पर भगवा रैली, रथ पर राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान, लोग फूल बरसा रहे हैं।”
बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 के जरिए भारत की पहली UCI 2.2 बहु-चरणीय रोड साइक्लिंग प्रतियोगिता का वैश्विक मंच पर भव्य आगाज हुआ है. 80 से अधिक देशों में सीधा प्रसारण और ओलंपिक क्वालिफिकेशन अंकों के साथ यह दौड़ भारतीय साइक्लिंग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है.
वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा का एक फोटो-क्लिक मीडिया में वायरल होकर खुद एक “ख़बर” बन
गए। राहुल गांधी के दौरे के दौरान उन्होंने जोखिम भरा एंगल लेकर फोटो खींचा, और उसी क्षण उनका यह एक्शन पत्रकारिता के असली जुनून और समर्पण का प्रतीक बन गया जिसे RK स्टूडियोज के प्रसिद्ध लोगो की तरह मध्यप्रदेश की पत्रकारिता का प्रतीक बनाया जा सकता है
क्या आपने कभी बिना शराब पिए नशे का अनुभव किया है? यह थकान या कमजोरी नहीं, बल्कि ऑटो-ब्रुअरी सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसमें आपके शरीर के भीतर कुछ बैक्टीरिया खुद शराब बनाते हैं।
महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
बीएमसी चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है, बल्कि यह मुंबई के बदलते मतदाता और राजनीति की नई प्राथमिकताओं का संकेत है। भावनात्मक अपील से आगे बढ़कर अब शहर स्थिर शासन, विकास और स्पष्ट नेतृत्व चाहता है। यही बदलाव ठाकरे युग के अंत और नई राजनीति की शुरुआत को परिभाषित करता है।