LIVE WIRE NEWS NETWORK

कृष्ण तुम ही हो…

कवि कृष्ण को सबमें और सब कुछ कृष्ण में देखता है। वे ज्ञान भी हैं और विज्ञान भी, वेद भी हैं और उपदेश भी। प्रकृति में बहती सरिता से लेकर सागर की गहराइयों तक, पेड़-पौधों की हरियाली से लेकर धरती की मुस्कान तक हर रूप में कृष्ण विराजते हैं। वे काल भी हैं और भाव भी, प्रेम की ज्वाला भी और विरह की पीड़ा भी। कभी मरहम बनकर सहलाते हैं तो कभी प्रेरणा बनकर दिशा दिखाते हैं। भजन-किर्तन में गूंजते स्वर हों या संसार की माया सब कृष्ण ही हैं, तारणहार भी वही।

Read More

अजब दौर है…

नमिता गुप्ता, लखनऊ (उ.प्र) ” सरल बेटा, क्या हाल है तुम्हारा।”मैं ठीक हूँ दादाजी । अभी मै कालेज में हूँ। टेक केयर दादा जी… मैं फोन रखता हूँ।”विजय ने अपने मित्र को फोन मिलाया “हेलो!! गगन तू कैसा है ?”“यार ,मैं ठीक हूँ, तू अपनी बता।”” क्पा बताऊ यार,बुढ़ापे में जोड़ों में दर्द रहता है।…

Read More

पुणे की वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब

पिछले कुछ दिनों से पुणे की हवा और अधिक विषैली होती जा रही है. शहर के शिवाजीनगर, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर सहित अनेक क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को खराब से अत्यंत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है. राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस की पृष्ठभूमि पर सामने आए ये आंकड़े पर्यावरण के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्न खड़ा करते हैं, ऐसी प्रतिक्रिया पर्यावरण विशेषज्ञों ने व्यक्त की है.

Read More

राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय में ऑनलाइन बुकिंग को रिस्पांस

कात्रज स्थित मनपा के राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय की ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को नागरिकों से उत्तम प्रतिसाद मिल रहा है. ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू होने के बाद अर्थात पिछले दो वर्षों में इस सुविधा के माध्यम से उद्यान का दौरा करने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है. १ जनवरी २०२४ से दिसंबर २०२५ के कालखंड में लगभग ५ लाख ४४ हजार ६३ पर्यटकों ने उद्यान की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा का लाभ लिया. इस माध्यम से उद्यान प्रशासन को लगभग २ करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है

Read More

फरमाइश

ज़ख्मों की जलन, स्मृतियों की लहरें और खुशी की राख सब मिलकर दिल पर ऐसा बोझ डाल देते हैं कि मुस्कुराना भी एक फरमाइश-सा लगता है। जब भीतर बुझा हुआ चिराग ही रोशनी तलाश रहा हो, तो हौसले की एक किरण भी बड़ी मुश्किल से जन्म लेती है।

Read More

मोहब्बत

इस अँधेरी रात में बस एक ही ख्वाहिश है ऐसा हमसफ़र मिले, जो टूटे दिल को भी सहला दे और सच के छोटे-से वादे पर पूरी उम्र साथ निभा जाए। मोहब्बत कम भी हो जाए तो चलेगा, पर भरोसे की डोर इतनी मजबूत हो कि ज़िंदगी फिर से खिल उठे। बारिश हो या काले बादल, उसके होने भर से हर पल में सुकून उतर आए।

Read More

खामोशी का बोलता सफर

बीस साल बाद एक ट्रेन के कंपार्टमेंट में हुई ये आकस्मिक मुलाकात जहाँ न शब्द थे, न शिकायते सिर्फ वही पुरानी खुशबू, वही मोहब्बत और दो लोगों के बीच पसरी खामोशी, जो बोलती तो थी… मगर सिर्फ दिलों में

Read More

देवेनदास भाटिया: महिदपुर रोड स्टेशन की आत्मा

महिदपुर रोड का पुराना स्टेशन आज भले बदल गया हो, लेकिन इसकी ब्रिटिश-era इमारत, स्टीम इंजन की छुक–छुक, और स्टेशन मास्टर काका देवेनदास भाटिया जैसी शख्सियतें अब भी कस्बे की यादों में वैसे ही जिंदा हैं जैसे कभी प्लेटफॉर्म पर तैरता बीड़ी का धुआँ और बड़ी होटल की चाय की खुशबू।

Read More

सोने की चूड़ियां

सुमेरा को सोने की चूड़ियों का बड़ा शौक था। बचपन से ही बस यही उसका इकलौता ख़्वाब था। उसे पूरा करने के लिए वह सिलाई और ट्यूशन करके पैसे जोड़ रही थी। आज वही सारी बचत उसने भाई की मेडिकल कॉलेज की फीस के लिए बड़ी खुशी से निकाल दी।
निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा मेडिकल की पढ़ाई करेगा यह बात अपने-आप में बहुत बड़ी थी।

Read More

दीवारें

बेटे के नए घर की चमक-दमक देखकर भी उसके मन में बस एक ही प्रश्न गूंजता रहा.“मेरी जगह कहाँ है?” कुछ दिन रुककर लौटी तो अपने पुराने घर की दीवारें भी जैसे समझा रही थीं.“अभी थकना नहीं… तेरे हिस्से का इंतज़ार अभी बाकी है।”

Read More