नारी की गरिमा
यह कविता नारी के जीवन-संघर्ष, त्याग, सहनशीलता और आत्मसम्मान को स्वर देती है। समाज की चुनौतियों के बीच अपनी गरिमा बनाए रखने वाली स्त्री के अदम्य साहस का भावपूर्ण चित्रण करती है।

यह कविता नारी के जीवन-संघर्ष, त्याग, सहनशीलता और आत्मसम्मान को स्वर देती है। समाज की चुनौतियों के बीच अपनी गरिमा बनाए रखने वाली स्त्री के अदम्य साहस का भावपूर्ण चित्रण करती है।
यह कविता यशोधरा के दृष्टिकोण से बुद्ध के संन्यास पर प्रश्न उठाती है। प्रेम, कर्तव्य, गृहस्थ जीवन और आत्मकल्याण के बीच के द्वंद्व को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है।
विदेश की सुव्यवस्थित और मशीनी जिंदगी छोड़कर अपने शहर की भीड़, जाम, बिजली कटौती और जीवंत हलचल में लौटने वाली एक महिला की कहानी। यह कथा बताती है कि जीवन केवल सुविधाओं का नाम नहीं, बल्कि उन धड़कनों का भी नाम है जो हमें अपनेपन का एहसास कराती हैं।
प्राण प्रतिष्ठा” एक गहन प्रतीकात्मक कविता है, जिसमें देह, आत्मा, यथार्थ और तन्हाई के बीच संघर्ष को सशक्त बिंबों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। यह रचना मनुष्य के अस्तित्व, आत्मबोध और भीतर सुलगती मौन पीड़ा की मार्मिक पड़ताल करती है।
“नीला अम्बर, स्वच्छ पवन है” कविता प्रकृति की सुंदरता, जैव विविधता और धरती माता के प्रति मानव के कर्तव्यों को दर्शाती है। यह रचना पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का सशक्त संदेश देती है।
“पेड़ तो वही है, पर तुम बदल गए हो…” प्रेम, इंतज़ार, तन्हाई और अधूरी चाहत की पीड़ा को व्यक्त करती यह कविता दिल की गहराइयों को छू जाती है। मन्नत के धागे से शुरू होकर प्रेम के दर्द तक की भावनात्मक यात्रा का मार्मिक चित्रण।
रसोई के रोशनदान में बसे एक गौरेया जोड़े के घोंसले से निकली एक नन्ही-सी जान लेखक के जीवन का भावनात्मक हिस्सा बन जाती है। अंडे से निकलने, पंख उगने और पहली बार खुले आसमान में उड़ान भरने तक की उसकी यात्रा लेखक को अपने बच्चों के बचपन और जीवन के गहरे सत्य की याद दिलाती है। प्रकृति, मातृत्व, स्नेह और बिछड़ने की मधुर पीड़ा से सजी यह कहानी बताती है कि प्रेम का सबसे सुंदर रूप किसी को अपने पास बांधकर रखना नहीं, बल्कि उसे उड़ने की आज़ादी देना है।
“एकांत का शोर” एक मार्मिक कहानी है जो पिता के निधन के बाद माँ के जीवन में पसरे अकेलेपन और बेटे की व्यस्तता के बीच बढ़ती भावनात्मक दूरी को चित्रित करती है। जब बेटा अपनी माँ को आधी रात अपनी तस्वीर को सीने से लगाकर लोरी सुनाते हुए देखता है, तब उसे एहसास होता है कि सफलता की दौड़ में उसने सबसे अनमोल रिश्ते को अनदेखा कर दिया है।