Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

LIVE WIRE NEWS NETWORK

राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय में ऑनलाइन बुकिंग को रिस्पांस

कात्रज स्थित मनपा के राजीव गांधी प्राणी संग्रहालय की ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को नागरिकों से उत्तम प्रतिसाद मिल रहा है. ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू होने के बाद अर्थात पिछले दो वर्षों में इस सुविधा के माध्यम से उद्यान का दौरा करने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है. १ जनवरी २०२४ से दिसंबर २०२५ के कालखंड में लगभग ५ लाख ४४ हजार ६३ पर्यटकों ने उद्यान की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा का लाभ लिया. इस माध्यम से उद्यान प्रशासन को लगभग २ करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है

Read More

फरमाइश

ज़ख्मों की जलन, स्मृतियों की लहरें और खुशी की राख सब मिलकर दिल पर ऐसा बोझ डाल देते हैं कि मुस्कुराना भी एक फरमाइश-सा लगता है। जब भीतर बुझा हुआ चिराग ही रोशनी तलाश रहा हो, तो हौसले की एक किरण भी बड़ी मुश्किल से जन्म लेती है।

Read More

मोहब्बत

इस अँधेरी रात में बस एक ही ख्वाहिश है ऐसा हमसफ़र मिले, जो टूटे दिल को भी सहला दे और सच के छोटे-से वादे पर पूरी उम्र साथ निभा जाए। मोहब्बत कम भी हो जाए तो चलेगा, पर भरोसे की डोर इतनी मजबूत हो कि ज़िंदगी फिर से खिल उठे। बारिश हो या काले बादल, उसके होने भर से हर पल में सुकून उतर आए।

Read More

खामोशी का बोलता सफर

बीस साल बाद एक ट्रेन के कंपार्टमेंट में हुई ये आकस्मिक मुलाकात जहाँ न शब्द थे, न शिकायते सिर्फ वही पुरानी खुशबू, वही मोहब्बत और दो लोगों के बीच पसरी खामोशी, जो बोलती तो थी… मगर सिर्फ दिलों में

Read More

देवेनदास भाटिया: महिदपुर रोड स्टेशन की आत्मा

महिदपुर रोड का पुराना स्टेशन आज भले बदल गया हो, लेकिन इसकी ब्रिटिश-era इमारत, स्टीम इंजन की छुक–छुक, और स्टेशन मास्टर काका देवेनदास भाटिया जैसी शख्सियतें अब भी कस्बे की यादों में वैसे ही जिंदा हैं जैसे कभी प्लेटफॉर्म पर तैरता बीड़ी का धुआँ और बड़ी होटल की चाय की खुशबू।

Read More

सोने की चूड़ियां

सुमेरा को सोने की चूड़ियों का बड़ा शौक था। बचपन से ही बस यही उसका इकलौता ख़्वाब था। उसे पूरा करने के लिए वह सिलाई और ट्यूशन करके पैसे जोड़ रही थी। आज वही सारी बचत उसने भाई की मेडिकल कॉलेज की फीस के लिए बड़ी खुशी से निकाल दी।
निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा मेडिकल की पढ़ाई करेगा यह बात अपने-आप में बहुत बड़ी थी।

Read More

दीवारें

बेटे के नए घर की चमक-दमक देखकर भी उसके मन में बस एक ही प्रश्न गूंजता रहा.“मेरी जगह कहाँ है?” कुछ दिन रुककर लौटी तो अपने पुराने घर की दीवारें भी जैसे समझा रही थीं.“अभी थकना नहीं… तेरे हिस्से का इंतज़ार अभी बाकी है।”

Read More

जब आती थी रामलीला..

महिदपुर रोड पर आयोजित रामलीला में हनुमान जी की झांकी सबसे रोमांचकारी थी. केले और फलों से लदे पेड़ों को छलाँग लगाकर तोड़ते, अशोक वाटिका उजाड़ते, और कभी-कभी फल दर्शकों की ओर उछालते। दर्शक इसे श्रद्धा से हनुमान जी का प्रसाद मान लेते थे।

Read More

भ्रम : एक म्यान दो तलवारें

राम “और ” श्याम ” नाम रखूंगी भाभीजी – मेरे भी आंगन में किलकारी गूंजेगी , मेरी गोद से नहीं तो क्या हुआ ! छोटी की गोद से सही ।
बस, पांडे जी को खुश देखना चाहती हूं ।
अपने ही पति की सेज सजाई पंडिताइन ने – घर में किलकारी भी गूंजी …….
लेकिन अपने हाथों अपनी बगिया …

Read More

कुर्बानी

आँवले के उस पुराने पेड़ के नीचे जहाँ कभी उनका प्यार अंकुरित हुआ था, आज सीमा और अर्जुन फिर चुपचाप बैठे थे। वक्त बहुत बदल चुका था, पर भावनाएँ नहीं। सीमा का दिल अर्जुन के बिना किसी और को स्वीकार नहीं कर पा रहा था, जबकि अर्जुन अपनी भावनाओं को दबाकर उसे उसके माता-पिता के सपनों को पूरा करने की राह दिखा रहा था।
उसकी आँखों में छिपा दर्द साफ़ था. अपने प्यार को खोने का नहीं, बल्कि सीमा की खुशियाँ बचाने का। किसी और की भलाई के लिए दिल को चीर देना वही उसकी सबसे बड़ी कुर्बानी थी।

Read More