“टीआरपी, दबाव और सच
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर इंदौर में एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पहली बार शहर के आम लोगों ने पत्रकारों से सीधे सवाल पूछे। सवाल पुछने वालों की जिज्ञासा थी कि क्या मैनेजमेंट का दबाव रहता है? क्या किसी पार्टी-नेता विशेष के पक्ष में खबरों को लेकर निर्देश रहते हैं? हर दिन के काम में अन्य अखबारों से कैसी प्रतिस्पर्धा रहती है? नेगेटिव खबरों के साथ पॉजिटिव खबरों के बीच तालमेल कैसे बैठाते हैं।
