एलपीजी की कमी से पुणे की उद्योग इकाइयों पर असर

चाकण औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी की कमी के कारण बंद पड़ी फैक्ट्री चाकण औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी की कमी के कारण बंद पड़ी फैक्ट्री AI IMAGE

चाकण के कई कारखानों में उत्पादन ठप

पुणे।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं का असर अब स्थानीय उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी के चलते पुणे जिले के चाकण औद्योगिक क्षेत्र की कई छोटी और मध्यम निर्माण इकाइयों को अस्थायी रूप से उत्पादन बंद करना पड़ा है। उद्योगपतियों के अनुसार हीटिंग और कोटिंग जैसी प्रक्रियाओं के लिए एलपीजी पर निर्भर कई कारखानों को पिछले चार से पांच दिनों से नई आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिससे संचालन ठप हो गया है।

ईंधन खत्म होने से बंद हुआ उत्पादन

चाकण स्थित पाउडर कोटिंग इकाई Mass Precision Private Limited में लगभग 250 कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी ने पिछले सप्ताह अपना एलपीजी भंडार समाप्त होने के बाद उत्पादन गतिविधियां रोक दीं।

कंपनी के मालिक राजेश देवधरे ने बताया कि कर्मचारी रोज काम पर आ रहे हैं, लेकिन संयंत्र फिलहाल बंद पड़ा है।
उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों से हम एलपीजी खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वितरक बता रहे हैं कि इस समय वाणिज्यिक सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण शुक्रवार से हमारा संयंत्र बंद पड़ा है।”

रोजाना लाखों का हो रहा नुकसान

देवधरे के अनुसार कंपनी का मासिक कारोबार लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये का है। उत्पादन बंद रहने से कंपनी को प्रतिदिन करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने बताया, “उत्पादन न होने के बावजूद कर्मचारियों का वेतन और बैंक ऋण की किस्त जैसी स्थायी लागतें हमें वहन करनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।”

कोविड लॉकडाउन जैसी स्थिति की आशंका

देवधरे ने कहा कि वर्तमान स्थिति उन्हें COVID-19 Lockdown in India की याद दिलाती है, जब उनका कारखाना लगभग तीन महीने तक बंद रहा था। उनका कहना है कि यदि एलपीजी की कमी लंबे समय तक जारी रही तो छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए स्थिति गंभीर हो सकती है।

अन्य उद्योगों पर भी असर

चाकण क्षेत्र की एक अन्य निर्माण इकाई Sahyadri Industries, जो फैब्रिकेशन कंपोनेंट, मशीन किए गए पुर्जे और शीट मेटल असेंबली तैयार करती है, ने भी चार दिन पहले एलपीजी भंडार समाप्त होने के बाद उत्पादन रोक दिया है।

इसके मालिक जयदेव अक्कलकोटे ने बताया कि फिलहाल कारखाने में उत्पादन पूरी तरह बंद है। उन्होंने कहा, “ईंधन उपलब्ध नहीं होने के कारण कर्मचारी फिलहाल यूनिट में साफ-सफाई और रखरखाव जैसे काम कर रहे हैं।”

कुशल कर्मचारियों को बनाए रखना चुनौती

उद्योगपतियों का कहना है कि उत्पादन बंद होने के बावजूद वे कर्मचारियों को वेतन दे रहे हैं, क्योंकि कुशल श्रमिकों को बनाए रखना दीर्घकालीन संचालन के लिए जरूरी है।

उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, “अनुभवी कर्मचारियों को बदलना आसान नहीं होता। हम अस्थायी आर्थिक नुकसान सह सकते हैं, लेकिन प्रशिक्षित कर्मचारियों को खोना नहीं चाहते।”

दीर्घकालिक असर की आशंका

उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एलपीजी की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो चाकण औद्योगिक क्षेत्र के कई अन्य छोटे और मध्यम उद्योग भी प्रभावित हो सकते हैं, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों पर असर पड़ सकता है।

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