
सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज
पुणे, 13 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)।
सरकारी कार्यालयों की कतारों और बार-बार के चक्कर से राहत दिलाने वाली ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बुक की होम डिलिवरी सेवा अब वाहन चालकों की जेब पर थोड़ा अतिरिक्त भार डालेगी। पुणे में इस सुविधा के लिए लिया जाने वाला शुल्क बढ़ा दिया गया है, जिससे नागरिकों को अब पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी। परिवहन विभाग और डाक विभाग के बीच हुए करार के तहत दी जा रही इस सेवा के लिए अब तक 58 रुपये का शुल्क लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 70 रुपये कर दिया गया है। यह नई दर 1 जनवरी से लागू कर दी गई है और इसका असर पुणे सहित राज्य के कई शहरों में देखने को मिल रहा है।
कतारों से राहत, लेकिन खर्च बढ़ा
ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा पास करने के बाद या नया वाहन पंजीकृत कराने पर घर तक दस्तावेज़ मिलने की सुविधा को नागरिकों ने काफी सराहा है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि सरकारी दफ्तरों में भीड़ भी कम होती है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में वाहन चालक इस सेवा को चुन रहे हैं।हालांकि, शुल्क बढ़ने से खासकर उन नागरिकों में असंतोष देखा जा रहा है, जो पहले से ही वाहन से जुड़े अन्य खर्चों बीमा, ईंधन और टैक्स का बोझ झेल रहे हैं।
परिवहन विभाग का पक्ष
परिवहन विभाग के उपप्रादेशिक अधिकारी स्वप्नील भोसले के अनुसार, यह वृद्धि विभागीय निर्देशों के तहत की गई है। डाक विभाग के माध्यम से दस्तावेज़ों की सुरक्षित और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए शुल्क संशोधन जरूरी था। विभाग का दावा है कि महत्वपूर्ण दस्तावेज़ सीधे सही पते पर पहुंचते हैं, जिससे गुम होने या देरी की आशंका कम होती है।
सुविधा बनाम खर्च की बहस
जहां एक ओर नागरिक इस सेवा को सुविधाजनक मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बढ़ा हुआ शुल्क यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या डिजिटल इंडिया के दौर में ऐसी सेवाएं और अधिक सस्ती नहीं होनी चाहिए? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार इस सुविधा को व्यापक रूप से अपनाना चाहती है, तो लागत कम रखने पर भी विचार किया जाना चाहिए।
