ऑनलाइन बुक होंगे स्लॉट, ऑफलाइन परमिशन खत्म, 200 रुपए शुल्क
उज्जैन — भगवान महाकाल की भस्म आरती अनुमति प्रक्रिया में मंदिर प्रबंध समिति ने बड़ा बदलाव किया है। अब श्रद्धालुओं को परमिशन के लिए आधी रात से काउंटर पर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। समिति ने वर्षों पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर इसे तत्काल ऑनलाइन प्रणाली में बदल दिया है। अब श्रद्धालु दर्शन से एक दिन पहले पोर्टल के माध्यम से अपनी सीट सुरक्षित कर सकेंगे।
अब तक महाकाल मंदिर में प्रतिदिन लगभग 1900 श्रद्धालुओं को भस्म आरती की अनुमति दी जाती थी, जिसमें से 300 परमिशन ऑफलाइन काउंटर से मिलती थीं। इसके लिए श्रद्धालुओं को 5 से 6 घंटे तक लाइन में इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत इन 300 परमिशन को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर एक दिन पहले वेबसाइट पर तत्काल कोटे में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए प्रति श्रद्धालु 200 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।
एक दिन पहले सुबह 8 बजे खुलेगी बुकिंग विंडो
तत्काल बुकिंग के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। यदि किसी श्रद्धालु को 17 अप्रैल की भस्म आरती में शामिल होना है, तो उसे 16 अप्रैल को सुबह ठीक 8 बजे मंदिर की वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। पोर्टल खुलते ही 300 सीटें बुक की जा सकेंगी। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
अग्रिम बुकिंग अवधि तीन माह से घटकर एक माह
नियमित ऑनलाइन बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले श्रद्धालु तीन महीने पहले तक बुकिंग कर सकते थे, जिससे बाद में आने वालों को स्थान नहीं मिल पाता था। अब इस अवधि को घटाकर एक माह कर दिया गया है। जून माह की बुकिंग 1 मई से और जुलाई की बुकिंग 1 जून से शुरू होगी।
त्रिकाल आरती व्यवस्था भी पूरी तरह डिजिटल
भस्म आरती के साथ-साथ मंदिर समिति ने संध्या आरती और शयन आरती को भी ऑनलाइन कर दिया है।
- संध्या आरती के लिए दोपहर 12 बजे
- शयन आरती के लिए शाम 4 बजे पोर्टल खुलेगा
इन आरतियों में बैठकर दर्शन करने के लिए भक्तों को 250-250 रुपए शुल्क देना होगा। हालांकि, जो श्रद्धालु शुल्क नहीं देना चाहते, उनके लिए चलित दर्शन (लाइन में चलते हुए दर्शन) की व्यवस्था पहले की तरह नि:शुल्क जारी रहेगी।
