कीटनाशक गैस से दो मासूमों की मौत
उज्जैन — शहर के त्रिवेणी हिल्स इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने घरेलू लापरवाही के खतरनाक पहलू को उजागर कर दिया। गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए डाली गई कीटनाशक दवा की गैस बंद कमरे में भर गई, जिससे दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई, जबकि अन्य बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए।
जानकारी के अनुसार, ईंट भट्टा संचालक लालचंद प्रजापत के घर उनकी बेटियां पूजा और रीना अपने बच्चों के साथ छुट्टियां बिताने आई थीं। सोमवार रात सभी बच्चे अपनी माताओं के साथ एक ही कमरे में सोए थे। सुबह उठने पर बच्चों की तबीयत बिगड़ी हुई थी और एक बच्ची के मुंह से झाग निकल रहा था। सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डेढ़ माह की त्रिशा और चार साल की अनिका को बचाया नहीं जा सका।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस कमरे में बच्चे सो रहे थे, वहीं हाल ही में कीटनाशक दवा डालकर गेहूं ड्रमों में रखा गया था। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था, जिससे जहरीली गैस रातभर जमा होती रही।
पुलिस के अनुसार, फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की जांच जारी है। यह घटना घरों में कीटनाशकों के उपयोग को लेकर गंभीर सावधानी बरतने की चेतावनी देती है, खासकर जब छोटे बच्चे आसपास हों।
