
डॉ. शशिकला पटेल, असिस्टेंट प्रोफेसर आर. आर. एज्युकेशनल ट्रस्ट बी. एड. कॉलेज मुलुंड पूर्व (मुंबई)
महक उठा मन का मधुबन
जब से तू आई वसंत पवन
पत्ता पत्ता डाली डाली
हर्षित है सारा गुलशन
कलियों ने खोली जो आंखें
गूंज उठी भंवर गुंजन
फूलों के खिलते ही देखो
तितलियां घूमें बन ठन
महक उठा मन का मधुबन
जब से तू आई वसंत पवन
बाग कोकिला कूक रही
गूंज रहे गीतों से आंगन
चहुं ओर छायी खुशहाली
खनके गोरी का कंगन
महक उठा मन का मधुबन
जब से तू आई वसंत पवन
सरसराती बही पुरवाई
छूकर सबके अंतर्मन
आते ही तेरे भूल गये सब
वो पतझड़ वा धूप तपन
महक उठा मन का मधुबन
जब से तू आई वसंत पवन