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ज्ञान का कलित वर्णन

डॉ. प्रेरणा बुडाकोटी, नई दिल्ली

विभाजन, विषयों का आधार है ज्ञान,
रूप, रस, शब्द का भाव है ज्ञान,

लिपिन्यास, मौलिक अध्ययन-अभ्यास है ज्ञान,
संघर्ष तथा अनुभूति का परिणाम है ज्ञान,

बच्चों का क, ख, ग; बड़ों का वाक्य-संग्रह है ज्ञान,
विनम्रता, सहनशीलता, शक्ति का कलश है ज्ञान,

साम, दाम, दंड, भेद से प्राप्त होता है ज्ञान,
वास्तविक सहानुभूति की परंपरा है ज्ञान,

अज्ञानी के लिए निर्बुद्धि है ज्ञान,
विद्वान् के लिए विरासत है ज्ञान,

वाक्यांश, शब्दों का समूह है ज्ञान,
वाघ-वीणा यंत्र का राग है ज्ञान,

परामर्श लेकर पूर्ण विराम है ज्ञान,
रिक्त स्थान की रेखा से लेकर
बेशुमार अंकों का भंडार है ज्ञान।

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