स्वतंत्र कलम का हकदार होता है सच्चा पत्रकार

समाज और सरकार के बीच पुल के समान कार्य करता है पत्रकार

डॉ. प्रेरणा बुड़ाकोटी, नई दिल्ली।

सोशल मीडिया की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि आए दिन कोई न कोई सच्ची या गलत खबर लोगों के स्मार्टफोन पर व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया ऐप्स पर एक क्लिक में अफवाहों की तरह फैलती जा रही है। कभी-कभी खबरों का प्रसारण इस तरह से होता है, जिसका असली पत्रकारिता की दुनिया में कोई प्रमाण नहीं होता।

आजकल लोग बिना किसी प्रमाण-पत्र के स्वयं को पत्रकार कहलाने लगे हैं और सोशल मीडिया पर फर्जी चैनल बनाकर बेबुनियाद खबरों के माध्यम से जनता को पथभ्रष्ट कर रहे हैं। इससे लोग लगातार गलतफहमी का शिकार हो रहे हैं। उनकी सोच में यह भ्रम बैठ गया है कि सोशल मीडिया पर प्रकाशित की जा रही खबरें सही पत्रकारिता या किसी मान्य पत्रकार द्वारा चलाई जा रही हैं, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। प्रमाणित समाचार कभी फर्जी नहीं होता, क्योंकि उसके पास मान्य प्रमाण या लाइसेंस होता है। इन्हीं दोनों के अंतर को न समझ पाने के कारण अज्ञात लोग सही पत्रकारिता को ही दोषी ठहराते हैं।

आइए, आज इस लेख के माध्यम से हम पत्रकार की सही परिभाषा और उसके नियमों की पूर्ण जानकारी प्राप्त करें।

पत्रकार, जिसे अंग्रेज़ी में जर्नलिस्ट कहा जाता है, प्रचलित विषयों पर लेख लिखने वाला या अख़बारनवीस होता है। पत्रकार वास्तविक घटनाओं के बारे में समाचारों का आकलन, संग्रह और प्रस्तुति करता है तथा इसके लिए स्पष्ट और निष्पक्ष दृष्टिकोण का उपयोग करता है। वह लेख, ऑडियो या चित्रों के माध्यम से जनता तक सूचनाएँ पहुँचाता है। इसी प्रक्रिया को पत्रकारिता कहा जाता है, जिसे अंग्रेज़ी में जर्नलिज़्म कहते हैं।

पत्रकारिता केवल किताबी ज्ञान का संकलन नहीं है, बल्कि विभिन्न परिस्थितियों का अनुभव कर सही निष्कर्ष तक पहुँचने का माध्यम है। पत्रकारिता को केवल नौकरी, पेशा या पद मानकर नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज सेवा के रूप में ग्रहण करना चाहिए।

एक पत्रकार को किसी भी घटनास्थल पर धर्म, जाति या रंग का भेदभाव किए बिना केवल घटना की सच्चाई को महत्व देना चाहिए, ताकि वास्तविक खबर जनता तक पहुँच सके। पत्रकार की यह जिम्मेदारी है कि वह गलत या फेक न्यूज़ न दे। उसे सच्ची घटनाओं को सही तरीके से प्रकाशित करना चाहिए, जिससे पाठक जागरूक रह सके।

खबरें मुख्य रूप से तीन माध्यमों से प्रकाशित की जाती हैंप्रिंट मीडिया (अख़बार, पत्रिकाएँ),
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (रेडियो, टेलीविजन, कंप्यूटर, मोबाइल आदि),और सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, टेलीग्राम, यूट्यूब, इंस्टाग्राम आदि)।पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि किसी भी माध्यम में समाचार प्रकाशित करने से पहले उसका क्रॉस-चेक या पुनः परीक्षण अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी विवाद का सामना न करना पड़े। पत्रकारिता से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का समय-समय पर अद्यतन रहना अनिवार्य है। बदलते समय के साथ लोगों का झुकाव प्रिंट मीडिया से कम होता जा रहा है और इंटरनेट व सोशल मीडिया अधिक लोकप्रिय हो चुके हैं। इनमें प्रकाशित सही और गलत खबरों के अंतर को न समझ पाने के कारण लोग अंधविश्वास का शिकार हो रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। इसी कारण सच्ची घटनाओं को सही शब्दों और वाक्यों में जनता तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है।

आज प्रिंट मीडिया की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रभाव अधिक है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार के व्यक्तित्व विकास से भी जुड़ा होता है। एक पत्रकार को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहिए, ताकि रेडियो पर उसकी आवाज़ स्पष्ट सुनाई दे, टीवी पर उसका व्यक्तित्व प्रभावी दिखे और इंटरनेट की दुनिया में उसकी छवि साहसी व अनुभवी दिखाई दे। इन्हीं गुणों के कारण पत्रकार जनता के सामने अपनी बात प्रभावी ढंग से रख पाता है।

पत्रकार के नियम और जिम्मेदारियाँ

• एक पत्रकार में अच्छा श्रोता होने की क्षमता, सहनशीलता और विनम्रता जैसे गुण होने चाहिए, जिससे वह समस्याओं का समाधान बेहतर ढंग से कर सके।

• पत्रकार द्वारा दी गई खबर ऐसी होनी चाहिए जो पढ़ने, सुनने और देखने वाले को प्रेरित करे। किसी को ठेस पहुँचाने वाली खबरें पत्रकारिता के नियमों का उल्लंघन हैं।

• पत्रकार को अहंकारी नहीं होना चाहिए। उसे एक आम नागरिक की तरह अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। दोहरा व्यक्तित्व नहीं होना चाहिए।

• सही सूचना प्राप्त करने के लिए पत्रकार को केवल गूगल या सोशल मीडिया पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि फील्ड सर्वे और खोजी पत्रकारिता पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इससे फेक न्यूज़ से बचा जा सकता है।

• पत्रकार को पुराने और आधुनिक संचार माध्यमों की जानकारी के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बदलते स्वरूप की भी समझ होनी चाहिए।

• अख़बारों या टेलीविजन में खबरों को इस तरह प्रस्तुत करना चाहिए कि वे घृणित या भयानक न लगें। शोक-वेदना से जुड़ी तस्वीरों के स्थान पर एनीमेशन या प्रतीकात्मक चित्रों का उपयोग किया जा सकता है।

• मीडिया एक शक्तिशाली संचार माध्यम है, जो सरकार और समाज के बीच पुल का काम करता है। इसका सही या गलत उपयोग पत्रकार के हाथ में होता है।

• समाचार देने से पहले खबरों की पूरी छानबीन करनी चाहिए और आवश्यकता होने पर घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) भी देना चाहिए।

• अधूरे सरकारी या गैर-सरकारी कार्यों पर बिना पुष्टि खबर प्रकाशित नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे कानूनी कार्रवाई का खतरा होता है।

• महिलाओं और बच्चों से संबंधित खबरें या तस्वीरें प्रकाशित करने से पहले संबंधित कानूनों की जानकारी होना आवश्यक है।

• बिना अनुमति कोर्ट परिसर, सरकारी कार्यालयों, ऐतिहासिक स्थलों में फोटो खींचना या वीडियो बनाना प्रतिबंधित है।

• पत्रकार को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे संगठन, राज्य या देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचे।

• वास्तविक पत्रकार वही है जिसके पास मान्य संगठन और सरकार द्वारा जारी पहचान-पत्र हो, अन्यथा उसे फर्जी पत्रकार माना जाएगा।

• पत्रकार अपने कार्य के दौरान सच्चे शब्दों में खबर प्रकाशित करने और निडर होकर सच सामने लाने के लिए स्वतंत्र होता है।

• भ्रष्टाचार या देश-विरोधी कार्यों को उजागर करना पत्रकार का दायित्व है।

• अनुशासन और नियमों का पालन करते हुए पत्रकार घटनास्थल से तुरंत समाचार प्रकाशित कर सकता है।

• पत्रकारिता में कार्य करने के लिए जर्नलिज़्म की डिग्री या डिप्लोमा तथा नवीन जानकारी से अपडेट रहना आवश्यक है।

• पत्रकार को रिश्वत लेकर कार्य करने का अधिकार नहीं है। उसकी आमदनी का साधन लेखन और विज्ञापन हो सकते हैं।

आज सोशल मीडिया पर प्रकाशित कई खबरें, वीडियो और विज्ञापन बिना किसी प्रमाण के होते हैं, जो अविश्वसनीय और गलत हैं। इन पर रोक लगाने के लिए सरकार को कड़े और प्रभावी नियम बनाने चाहिए।

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