जूना अखाड़े ने टाली पेशवाई और स्नान यात्रा
उज्जैन। गंगा दशहरा पर हर वर्ष भव्य आयोजन के लिए प्रसिद्ध जूना अखाड़े ने इस बार धार्मिक परंपराओं और अधिकमास की मान्यताओं को प्राथमिकता देते हुए पेशवाई और नीलगंगा सरोवर में होने वाले स्नान कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। हालांकि दिन में संतों ने पूरे विधि-विधान के साथ चिंतामन गणेश और मां शिप्रा का पूजन किया, लेकिन देर शाम अखाड़े की ओर से अगले दिन के सभी प्रमुख आयोजन निरस्त करने की घोषणा कर दी गई।
जूना अखाड़े द्वारा आयोजित गंगा दशहरा उत्सव को मिनी सिंहस्थ जैसा स्वरूप माना जाता है। हर साल इसमें भव्य पेशवाई, संतों की शोभायात्रा और नीलगंगा सरोवर में सामूहिक स्नान आकर्षण का केंद्र रहते हैं। इस बार भी श्रद्धालु और संत बड़ी संख्या में जुटे थे, लेकिन अधिकमास को देखते हुए अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने कार्यक्रम स्थगित करने का संदेश भेजा।
काशी-सुमेरू पीठ के शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती के सानिध्य में जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी के मार्गदर्शन में मां शिप्रा का पूजन किया गया। इससे पहले चिंतामन गणेश मंदिर में हवन और विशेष पूजा-अर्चना भी हुई।
अब गंगा दशहरा पर नीलगंगा सरोवर में केवल मां गंगा की आर
