क़दमों की जंजीर

खिड़की के पास खड़ी एक महिला, बंधनों से आज़ादी की ओर बढ़ती हुई

अर्पणा सिंह ‘अर्पी’ राँची (झारखंड)

मनीप्लांट को गुड़हल के इर्द-गिर्द लिपटे देख रीमा गहरी सोच में डूब गई। वह अतीत के उन पलों में खो गई, जब रोहन से शादी कर वह एक खुले विचारों वाले परिवार को छोड़ संकीर्ण सोच वाले परिवेश में आई थी।

कुछ ही दिनों में उसे घुटन होने लगी। वह खुद को रूढ़िवादी विचारों की जंजीरों में जकड़ा हुआ महसूस करने लगी। उसका मन करता कि इन बंधनों को तोड़कर कहीं खुली हवा में चली जाए… पर कहाँ?

रोहन एक सुलझा हुआ, समझदार व्यक्ति था। उसे रीमा के अंतरमन में चल रहे द्वंद्व का आभास हो गया था। एक दिन उसने रीमा को समझाया कि जो विचार वर्षों से चले आ रहे हैं, उन्हें बदलना इतना आसान नहीं होता। लोग तुम्हारी बात सुन तो लेंगे, पर उसे अपनाने में समय लगेगा। इन रिश्तों को समझने और उन्हें समय के अनुरूप बदलने में धैर्य और प्रयास दोनों की आवश्यकता होती है।

रोहन की बातों से रीमा को नई दिशा मिली। वह धीरे-धीरे सबको समय देने लगी। उसने घर के लोगों के मन में जमी नकारात्मक रूढ़िवादी सोच के बीच सकारात्मक पहलुओं को दिखाना शुरू किया। उसके धैर्य और समझदारी से धीरे-धीरे घर का माहौल बदलने लगा।सोच की पाबंदियों के काले बादल छँटने लगे और घर में एक नई रोशनी फैलने लगी।

आज वही रीमा, जिसने कभी खुद को जंजीरों में जकड़ा महसूस किया था, उन सभी बंधनों को तोड़कर एक जानी-मानी उद्यमी बन चुकी है और वह भी अपने परिवार के सहयोग के साथ। सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन, सबसे मजबूत जंजीरों को भी तोड़ने की ताकत रखते हैं।

लेखिका के बारे में-
अर्पणा सिंह
एक सशक्त और बहुआयामी रचनाकार हैं, जिनकी लेखनी संवेदना, समाज और सरोकारों का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है।
राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने शिक्षिका के रूप में अपने ज्ञान और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाया।लेखन के क्षेत्र में उनकी पहचान एक सशक्त कवयित्री और संवेदनशील कथाकार के रूप में बनी है। नवीन कदम छत्तीसगढ़ की काव्य प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया।
माँ शारदे मंच द्वारा ‘लोक संस्कृति साधक सम्मान’ से सम्मानित होना उनकी सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
‘शब्द सिंधु’ द्वारा सर्वश्रेष्ठ रचनाकार और WOW द्वारा ‘शानदार शायर’ का ख़िताब उनकी साहित्यिक प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करता है।उनकी रचनाएँ प्रभात खबर, दैनिक जागरण, शुभम संदेश और आई नेक्स्ट जैसे प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।साहित्योदय के अंतर्गत उन्हें लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स सर्टिफिकेट भी प्राप्त हुआ है, जो उनकी रचनात्मक उपलब्धियों का वैश्विक सम्मान है।‘काव्यांजली’, ‘दहलीज़ से आगे’, ‘मनस्वी’ और ‘कृष्णायण अखण्ड काव्यार्चन’ जैसे संकलनों में उनकी रचनाएँ पाठकों को गहराई से प्रभावित करती हैं। अर्पणा सिंह आज भी अपनी लेखनी के माध्यम से समाज, संस्कृति और मानवीय भावनाओं को सशक्त स्वर दे रही हैं।
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2 thoughts on “क़दमों की जंजीर

  1. बहुत सुंदर सकारात्मक संदेश देती हुई रचना 🙏💐

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