नागदा, 24 जुलाई कहते हैं, समय पर मिला उपचार किसी देवदूत से कम नहीं होता — नागदा के चौधरी अस्पताल में बुधवार को यह कथन बिल्कुल सच साबित हुआ, जब 30 वर्षीय सनी गोयल को आए अचानक दिल के दौरे के बाद डॉ. सुनील चौधरी की त्वरित कार्रवाई और चिकित्सा कौशल ने उसकी जान बचा ली।
जानकारी के अनुसार, रुपेटा गांव निवासी सनी गोयल की तबीयत सुबह से ही खराब थी। परिजन उसे तत्काल चौधरी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जैसे ही सनी को डॉक्टर के चेंबर में ले जाया गया, वहां अचानक हार्ट अटैक आ गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डॉ. चौधरी ने एक पल की भी देरी किए बिना उपचार शुरू किया। उनके कुशल और तुरंत लिए गए निर्णय से सनी की नाजुक हालत पर काबू पाया गया और नई जिंदगी मिल गई।
इस संकटपूर्ण क्षण के बाद सनी के परिजनों ने डॉ. चौधरी और उनकी पूरी टीम का आभार जताया और कहा, “अगर समय पर इलाज नहीं मिलता, तो आज एक अनहोनी हो जाती।” यह घटना नागदा क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और लोग डॉ. चौधरी की तत्परता, सेवाभाव और दक्षता की खुलकर सराहना कर रहे हैं।
हार्ट अटैक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज: डॉ. चौधरी की अपील
इस अवसर पर डॉ. सुनील चौधरी ने युवाओं को आगाह करते हुए बताया कि आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अस्वास्थ्यकर खानपान और व्यायाम की कमी के चलते हार्ट अटैक के मामले युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अगर किसी को छाती में दर्द, पसीना आना, घबराहट, सांस लेने में तकलीफ, उलझन जैसी शिकायत हो तो उसे कभी नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
“समय पर उपचार ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा है,” — डॉ. सुनील चौधरी