ज्ञान, ध्यान और सम्मान – एक साथ झलका गुरु पूर्णिमा पर्व”
नागदा जंक्शन, 10 जुलाई (लाइव वॉयर न्यूज नेटवर्क)
गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व, जो ज्ञान, समर्पण और गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक है, नगर के अगोशदीप विद्यालय मेंअत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम श्री बृजेश सक्सेना तथा हार्टफुलनेस टीम उज्जैन से डॉ. संगीता पातकर, जयंत पातकर और श्रीमती ज्योति सक्सेना उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसे अतिथियों ने विधिवत सम्पन्न किया।

विद्यालय के विद्यार्थियों ने इस दिन को विशेष बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। महाकवि कालिदास की जीवनी पर आधारित एक सुंदर संस्कृत नाट्य प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया, वहीं प्राइमरी के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नाटिका के माध्यम से ऋषि, मुनि, साधु, संत और योगी के बीच का अंतर स्पष्ट किया। श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का उच्चारण कर विद्यार्थियों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर सृष्टि काबरा और याशिका गेहलोत ने अपने भाषण और गीतों के माध्यम से गुरुओं की महिमा का भावपूर्ण चित्रण किया। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम महोदय द्वारा 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। अपने प्रेरणास्पद संबोधन में श्री सक्सेना ने समाज निर्माण में गुरुओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

हार्टफुलनेस टीम ने सभी को सामूहिक प्रार्थना और ध्यान का अभ्यास कराया, जिसके साथ तीन दिवसीय ध्यान शिविर का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का विधिवत पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यह दृश्य गुरु-शिष्य परंपरा की पवित्रता और गहराई को दर्शा रहा था। कार्यक्रम का समापन संघ प्रार्थना से हुआ, जिसे प्राइमरी के विद्यार्थियों ऋषिका गुप्ता, किन्शुक कोटवानी और जीत बैरागी ने गरिमापूर्वक सम्पन्न कराया।
इस भव्य आयोजन में विद्यालय के समस्त विद्यार्थी, शिक्षकगण तथा गणमान्य अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका प्रीति कांठेड़ द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
