अब क्या होगा…?
“रीता ने दरवाज़े की दोनों कुंडियाँ कसकर बंद कर दीं।आज उसने ठान लिया था—सच जानकर ही रहेगी। आधी रात को जब उसकी आँख खुली,
तो उसने घबराकर शेफाली के बिस्तर की ओर देखा…बिस्तर फिर से खाली था।रीता की सांसें थम-सी गईं दरवाज़ा तो अंदर से बंद था…तो आखिर शेफाली गई कहाँ?”
