प्रभु जी में विलक्षण संगठन क्षमता थी
राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संयोजक डॉ. प्रभु चौधरी के आकस्मिक निधन से शिक्षा और साहित्य जगत में शोक की लहर है।

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संयोजक डॉ. प्रभु चौधरी के आकस्मिक निधन से शिक्षा और साहित्य जगत में शोक की लहर है।
विश्व हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर हैदराबाद में आयोजित त्रिभाषा अधिवेशन एवं कवि सम्मेलन में नागपुर की साहित्यकार मेघा अग्रवाल को साहित्य सम्मान प्रदान किया गया। उनके सशक्त काव्यपाठ को श्रोताओं ने खूब सराहा।
19 सितंबर 2025 को दयानंद कला महाविद्यालय, लातूर में हिंदी दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हिंदी विभाग ने “नवचेतना” हिंदी साहित्य मंडल की स्थापना की, जो विद्यार्थियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देगा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और महर्षि दयानंद सरस्वती की प्रतिमा वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि श्री बजरंग पारिख ने हिंदी भाषा की महत्ता और वर्तमान समाज में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानाचार्य डॉ. शिवाजी गायकवाड़ ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आत्मा की अभिव्यक्ति है। छात्रों ने भावनात्मक और प्रेरणात्मक कविताएँ प्रस्तुत कीं और हिंदी के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लिया।
मुंबई से प्रकाशित त्रैमासिक हिंदी साहित्यिक पत्रिका सृजनिकाके छठे अंक का लोकार्पण मंगलवार, 26 अगस्त को कुर्ला स्थित यूकेएस इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड रिसर्च के सभागार में हुआ.
समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक (नॉन-फ्यूल बिज़नेस) मुरलीकृष्ण वेंकट वाद्रेवु ने हिंदी को व्यवसाय-वृद्धि की महत्वपूर्ण सहयोगी भाषा बताते हुए अपने अनुभव साझा किए.