सावन सोमवार और रिश्तों की तलाश
सावन सोमवार आते ही व्रत, पूजा और मनचाहे वर की कामनाओं का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन क्या सिर्फ उपवास से जिंदगी की खुशियां मिल जाती हैं? एक हल्के-फुल्के अंदाज में यह व्यंग्य बताता है कि खुद को बेहतर बनाना, अच्छे कर्म करना और जीवन का आनंद लेना भी उतना ही जरूरी है।
सावन का मजा लीजिए, भक्ति को सच्चे मन से निभाइए और खुद को इतना काबिल बनाइए कि खुशियां खुद आपके दरवाजे तक आएं।
