आदत जो बदलनी नहीं चाहिए
थकान भरे दिन के बाद उसका एक मैसेज आया “चाय बनाओ, खिड़की खोलो, और कविताएं लिखो, मानो मैं भी वहीं बैठा हूं।”वो न “आई लव यू” कहता है, न कोई नाटक करता है, फिर भी जाने कैसे सारी थकान मिटा देता है। शायद सच है .उम्र के इस पड़ाव पर प्यार शब्द नहीं माँगता, बस किसी का थोड़ा-सा होना ही काफी होता है।
