“न कॉल, न मैसेज, न कोई वजह… आखिर क्यों रिश्तों में बढ़ रहा है घोस्टिंग का चलन ?”
आज के डिजिटल दौर में रिश्तों में घोस्टिंग एक आम समस्या बनती जा रही है। जानिए घोस्टिंग का अर्थ, इसके प्रभाव और इससे निपटने के तरीके।

आज के डिजिटल दौर में रिश्तों में घोस्टिंग एक आम समस्या बनती जा रही है। जानिए घोस्टिंग का अर्थ, इसके प्रभाव और इससे निपटने के तरीके।
कभी-कभी एक सच्चा आलिंगन वह सब कह देता है, जो हजारों शब्द नहीं कह पाते। गले लगाना केवल प्रेम का इज़हार नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का एहसास भी है। जानिए क्यों एक छोटा-सा आलिंगन रिश्तों में बड़ी खुशियां ला सकता है।
रिश्तों में हर ‘हम्म’ नाराजगी या दूरी का संकेत नहीं होता। कई बार इसके पीछे मानसिक थकान, व्यक्तित्व का स्वभाव या संवाद का अलग तरीका छिपा होता है। जानिए कैसे समझें अपने पार्टनर की खामोशी को।
आज के डिजिटल दौर में दोस्ती का मतलब सिर्फ आमने-सामने मिलना नहीं रह गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Instagram, Discord और WhatsApp ने रिश्तों की परिभाषा ही बदल दी है। खासकर COVID-19 lockdown के दौरान, लाखों लोगों ने ऑनलाइन दोस्त बनाए. ऐसे दोस्त जो कभी मिले नहीं, लेकिन दिल के बहुत करीब आ गए।
ओशो के डिस्कोर्स से औरत सेक्स में बहुत अधिक रुचि नहीं रखती। वह गर्माहट, गले लगाने, मित्रता और प्रेम में ज़्यादा रुचि रखती है। पुरुष अधिकतर सेक्स में रुचि रखते हैं। ये गलतफहमियाँ इस बात को दर्शाती हैं कि शायद भगवान ने दुनिया नहीं बनाई होगी — क्योंकि यहाँ कुछ भी मेल नहीं खाता। ऐसा…