कदंब वृक्ष की छांव में खड़े श्याम, राधा का पिघलता मन, बांसुरी की मधुर तान और प्रेम रस की वर्षा—‘कदंब तले’ कविता राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और भक्ति की अनुपम अनुभूति कराती है।
‘लज्जा’ कविता राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम, सौंदर्य और भावनात्मक गहराई को बेहद सुंदरता से प्रस्तुत करती है। इसमें लज्जा, भक्ति और प्रेम का अद्भुत संगम है, जो पाठक को वृंदावन की मनमोहक और आध्यात्मिक दुनिया में ले जाता है।