Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
गर्म दोपहर में पेड़ की शाख पर बैठी एक छोटी चिड़िया, जो पेड़ की छाया और प्रेम में सुकून से सो रही है।

प्रेम

‘प्रेम’ एक छोटी लेकिन गहरी संवेदनाओं से भरी कविता है। पेड़ और चिड़िया के माध्यम से यह कविता बताती है कि सच्चा प्रेम शब्दों का नहीं, बल्कि मौन समर्पण, संरक्षण और अपनत्व का नाम है। प्रकृति के प्रतीकों में जीवन का सबसे सुंदर रिश्ता यहाँ सहजता से उभरता है।

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एक भावनात्मक दृश्य जिसमें एक व्यक्ति पीपल के पेड़ के नीचे खड़ा है, पतझड़ के पत्ते गिर रहे हैं और आसपास बदलते मौसम के साथ प्रकृति में आशा और स्मृतियों का प्रतीकात्मक चित्रण है

मौसम लौटता है ज़रूर

“मौसम लौटता है ज़रूर” एक संवेदनशील कविता है जिसमें ऋतुओं के माध्यम से प्रेम, बिछड़न और उम्मीद को बेहद खूबसूरती से व्यक्त किया गया है। यह कविता जीवन के चक्र और भावनाओं की गहराई को छूती है।

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सफ़ेद में लिपटी लड़की

वह लड़की ज़िंदगी को प्रेम की तरह जीना चाहती थी .शहर की भागदौड़ से दूर, पहाड़ों और जंगलों के बीच, हवा में बाँसुरी की धुन सुनते हुए। उसके हाथ में हमेशा पेन रहता, और हर शब्द उसके दिल की गहरी भावना बन जाता। वह जानती थी कि मौत भी तभी खूबसूरत होगी, जब वह लिखते-लिखते उसे मिले. जैसे जीवन का हर पल उसके प्यार और उसकी स्याही में समा गया हो।

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