Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
बरसाती आकाश के नीचे दूर क्षितिज की ओर देखते दो धुंधले मानवीय सिल्हूट, प्रेम, दूरी और अस्तित्व की खोज का प्रतीकात्मक दृश्य।

प्रेम

प्रेम क्या है? शायद कोई निश्चित उत्तर नहीं। यह कविता प्रेम को सामाजिक सीमाओं, वर्ग, धर्म और परिभाषाओं से परे एक ऐसी अनुभूति मानती है, जो पूरी नहीं होती—सिर्फ खोजी जाती है।

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