“गोल्ड मेडल, ट्रेन और एक नीली जर्सी”
गोल्ड मेडल जीतने की खुशी पलभर में मौत के साए में बदल गई। नागपुर स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय एक विपक्षी खिलाड़ी ने अपनी तत्परता से मेरी जान बचा ली। यह संस्मरण केवल खेल की नहीं, बल्कि इंसानियत, सच्चे कोच और जीवन के अनमोल सबक की कहानी है।
