प्यार कोई स्विच नहीं होता
राघव और रिद्धिमा की यह कहानी उस प्रेम की बात करती है, जिसमें किसी को बाँधने की कोशिश नहीं होती। पुराने अनुभवों से मिले डर, भरोसे की कमी और रिश्तों की झिझक के बीच क्या दो लोग फिर से प्रेम करना सीख सकते हैं?

राघव और रिद्धिमा की यह कहानी उस प्रेम की बात करती है, जिसमें किसी को बाँधने की कोशिश नहीं होती। पुराने अनुभवों से मिले डर, भरोसे की कमी और रिश्तों की झिझक के बीच क्या दो लोग फिर से प्रेम करना सीख सकते हैं?
विदेश में सफलता की तलाश में मोहन अपने परिवार और घर से दूर हो गया। वर्षों बाद लौटने पर उसे एहसास हुआ कि पैसों से बड़ी दौलत उसके पिता, परिवार और उसी घर में उसका इंतजार कर रही थी।
कभी-कभी छोटी-सी मदद इंसान के दिल में ऐसी जगह बना लेती है, जिसे वर्षों बाद भी भुलाया नहीं जा सकता। यह कहानी एक गरीब मोची के बड़े दिल और उसकी सच्ची इंसानियत की मार्मिक याद है।
जब मोहब्बत करने वाले दो लोग इस दुनिया में नहीं रहे, तब उनकी प्रेम कहानी एक ऐसी लड़की की आँखों में ज़िंदा रह गई, जिसने कभी उन्हें जाना तक नहीं था।
पोते रवि के लौटने से श्याम बाबू की सूनी जिंदगी में खुशियाँ लौट आती हैं, लेकिन पुराने घर की दीवारें उन्हें उस बेटे मोहन की याद दिलाती हैं, जिसका आज भी इंतजार है।