gulmohar
खिड़की के पास बैठी स्त्री, जिसकी आँखों में अधूरे सपनों और पुरानी यादों की उदासी है।

फिर वही सपना

कुछ ख़्वाब आँखों में पलते हैं, कुछ दहलीज़ तक आकर लौट जाते हैं। ‘फिर वही सपना’ एक ऐसी भावुक कविता है, जिसमें अधूरी ख़्वाहिशों, अतीत की परछाइयों और बिखरते सपनों की पीड़ा को सुई-धागे के सुंदर रूपक के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है।

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टूटते भरोसे और जीवन के सफर को दर्शाती भावुक हिंदी कविता

चलो छोड़ो भी…

हर अपना हमेशा अपना नहीं रहता और हर सफर मंज़िल तक नहीं पहुँचता। ‘चलो छोड़ो भी…’ कविता टूटते भरोसे, बदलते रिश्तों और जीवन में समय के साथ आगे बढ़ने की बात कहती है।

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सरकारी नौकरी मांगते मदन के सामने बैठे नेता जी, राजनीतिक व्यंग्य लघुकथा ‘डिग्री’ का दृश्य

अगर मुड़ के देखे, जो तू मुझको एक बार…

कभी कोई लौटकर सिर्फ एक बार मुड़कर देख ले, तो बरसों की रंजिशें मिट सकती हैं। यह कविता प्रेम, इंतज़ार, विरह और बीते पलों की उन यादों को स्वर देती है, जो आज भी दिल में जीवित हैं।

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बरसात और आँसुओं में छिपे दर्द को दर्शाती हिंदी कविता

बरसात

बरसात सिर्फ आसमान से नहीं होती, कभी-कभी आँखों से भी बरसती है। यह कविता उन अनकहे दर्द, खामोश सवालों और भीतर छिपी भावनाओं को शब्द देती है, जिन्हें इंसान मुस्कुराते चेहरे के पीछे छिपा लेता है।

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फुटपाथ पर गहरी नींद में सोया भिखारी और बेचैन अमीर व्यक्ति

नींद

एसी कमरे में नरम बिस्तर, लेकिन मन में बेअंत अशांति. दूसरी ओर सड़क किनारे सोया भिखारी गहरी नींद में है. यह कविता सुख-सुविधाओं और सुकून के बीच के उस अंतर को सामने लाती है, जिसे अक्सर हम महसूस नहीं कर पाते.

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डाकखाने में पड़ी अनपहुंची राखियां और लिफाफे

कुछ राखियाँ…

कुछ राखियों को लिफाफे नहीं मिले और कुछ लिफाफों को राखियाँ. कुछ पर पते ही नहीं थे. यह कविता उन राखियों की कहानी है, जो कभी अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच सकीं और अब रक्षा के बंधन से मुक्त हो चुकी हैं.

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नीले आसमान और रंगीन पतंग के बीच किसी प्रिय की याद को दर्शाती भावुक हिंदी कविता

जीवन के कुछ पन्ने

जीवन की भागदौड़ में कुछ रिश्ते पीछे छूट जाते हैं, लेकिन उनकी यादें हमारे भीतर कहीं ठहर जाती हैं. यह कविता उन्हीं शांत पलों की कहानी है, जब आसमान, सितारे और शाम की खुशबू किसी अपने की याद दिला जाती है.

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बारिश में खिड़की के पास खड़ी एक युवती, हाथ में सूखा गुलाब लिए दूर क्षितिज की ओर देखती हुई। उसके चेहरे पर बिछड़ने की पीड़ा और पुरानी यादों की गहरी भावनाएँ झलक रही हैं।

…कि मुझे सब याद है

कुछ रिश्ते भले ही जीवन से चले जाएँ, लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं। यह कविता बिछड़ने के बाद भी दिल में बसे प्रेम, अधूरी मुलाकातों, बारिश की स्मृतियों और अनकहे एहसासों को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है।

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मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देते दो सच्चे दोस्तों का भावुक और यथार्थवादी दृश्य।

सच्चा दोस्त : एक अनमोल तोहफ़ा

यह कविता सिर्फ़ शब्दों का मेल नहीं है, बल्कि मेरे अपने जीवन के एक बेहद खूबसूरत सच का हिस्सा है। मेरी ज़िंदगी के हर उतार-चढ़ाव में, मेरी हर छोटी-बड़ी कामयाबी में और ख़ासकर मेरे सबसे कठिन समय में, मेरे सच्चे दोस्त ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया है। इस निस्वार्थ परवाह और साथ के लिए शब्दों में शुक्रिया कहना मुमकिन नहीं, पर यह कविता मेरे उसी अज़ीज़ दोस्त को एक छोटा-सा समर्पण है।

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