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मुशायरा ‘जश्न-ए-हिंदुस्तान’ का सफल आयोजन

अखिल भारतीय हिंदी उर्दू एकता अंजुमन’ संस्था द्वारा बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में एक शानदार मुशायरा और कवि सम्मेलन (एक शाम एहतराम सिद्दीकी के नाम) का आयोजन सुरभि स्टूडियो में किया गया। इसकी सदारत मशहूर शायर ख़ुमार देहलवी साहब ने की। मुख्य अतिथि फहीम जोगापुरी, अनिल मीत और अनस फैज़ी रहे।
मुशायरे का आगाज़ ताबिश खेराबादी ने ‘नात-ए-पाक’ से किया। निज़ामत असलम बेताब ने बेहद खूबसूरत अंदाज़ में निभाई। इस मुशायरे में दिल्ली और इसके आसपास के शहरों से आए लगभग 35 शायरों और शायरा ने शिरकत की और अपने-अपने कलाम पेश किए, जिन्हें वहाँ मौजूद श्रोताओं ने खूब सराहा।

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टीआई पंवार का बड़ा कदम: ₹51,000 दान से समाज को दी प्रेरणा

टीआई मदन सिंह पंवार ने समाज सेवा की मिसाल पेश की

महिदपुर रोड में टीआई मदन सिंह पंवार ने श्मशान समिति को ₹51,000 की दान राशि देकर समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उनके इस कदम से न केवल विकास कार्यों को बल मिलेगा, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होगी।

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आराधना – जो हर बार टूटी, फिर भी हर बार लौटी

शराब सिर्फ नशा नहीं, एक ज़हर है – जो रिश्तों को अंदर से खोखला कर देता है। आराधना की कहानी किसी फिल्म से नहीं, हमारे ही समाज से निकली सच्चाई है – जहां एक पत्नी अपने शराबी पति की मार, अपमान और बेवफाई को सालों झेलती रही, सिर्फ इसलिए कि शायद अगली बार सब ठीक हो जाएगा। लेकिन कभी नहीं हुआ। फिर भी वह लौटी… क्योंकि औरतें सिर्फ माफ नहीं करतीं, वो हर बार खुद को जोड़ती हैं – खामोशी से, टूटते हुए।

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एक साल के बच्चे ने खेल-खेल में कोबरा को काटा

बिहार के बेतिया में एक साल के मासूम ने खेल-खेल में कोबरा को काट डाला। सांप की मौत हो गई, लेकिन बच्चा सुरक्षित है और इलाज के बाद खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

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‘नामाचा गजर’ ‘नामाचा गजर’

कलाश्री संगीत मंडल द्वारा आयोजित ‘नामाचा गजर’ कार्यक्रम 6 जुलाई को एरंडवणे स्थित शकुंतला शेट्टी सभागृह में आयोजित किया जाएगा। पं. रघुनाथ खंडाळकर अपने पुत्रों के साथ प्रस्तुति देंगे, साथ ही पं. भीमसेन जोशी के पुत्र श्रीनिवास जोशी और पोते विराज जोशी भी मंच पर नजर आएंगे।

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वह सुबहें, वह होटल, वह जूनून

महिदपुर रोड की शंकर सेठ की होटल, और वहाँ डम्प होने वाले अखबार। बचपन का वह लड़का, जो फिल्मों के पोस्टर और शो टाइम्स जानने के लिए हर दिन सुबह निकल पड़ता।
पहले डर और हिचकिचाहट के साथ, धीरे-धीरे वह परिचितों में ढल गया—रामनिवास मंडोवरा काकाजी, कालू दा, चंद्रकांत जोशी। अखबारों के पन्नों में डूबते हुए उसका जुनून बन गया आदत, और फिर लत।शंकर सेठ की होटल सिर्फ एक जगह नहीं थी. वह वह मंच थी जहाँ बचपन की जिज्ञासा और सपने पत्रकारिता की दुनिया में बदलने लगे

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कोई लौटा दे मेरे… वो स्कूल के दिन!

पैदल स्कूल जाना, बिना ट्यूशन के पढ़ाई, सादगी भरा जीवन और माता-पिता की निश्चिंतता। सुविधाओं की कमी के बावजूद उस दौर में संतोष, आत्मनिर्भरता और खुशियों की भरपूर अनुभूति थी, जो आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में दुर्लभ हो गई है।

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चिट्ठी उनके नाम की कविता

चिठ्ठी उनके नाम की

एक खूबसूरत हिंदी कविता “चिट्ठी उनके नाम की” जिसमें यादें, प्रेम और भावनाओं की गहराई को शब्दों में पिरोया गया है। दिल को छू लेने वाली यह कविता

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पितरों की तस्वीर: कहाँ और कैसे लगाएं

घर में पितरों की तस्वीर लगाने का उद्देश्य सिर्फ स्मरण करना नहीं, बल्कि वास्तुशास्त्र के अनुसार सही दिशा और स्थान पर रखकर घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना है। गलत स्थान या दिशा पर तस्वीर लगाने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। इसलिए पितरों की तस्वीर को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में, दक्षिण की ओर मुख करके रखना सर्वोत्तम माना जाता है।

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Valentine Day पर एक्स के नाम का कॉकरोच, चिड़ियाघर का अनोखा ऑफर

वेलेंटाइन डे पर ‘लव’ नहीं, ‘लास्ट चैप्टर’ का जश्न

वेलेंटाइन डे पर पोलैंड के एक चिड़ियाघर ने दिल टूटे लोगों के लिए अनोखा ऑफर शुरू किया है. इस स्कीम के तहत लोग अपने एक्स पार्टनर के नाम पर कॉकरोच को गोद ले सकते हैं. यह पहल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

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