नागचंद्रेश्वर मंदिर में आस्था की ऐतिहासिक भीड़

नागपंचमी के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट सोमवार रात 12 बजे खोले गए। यह मंदिर वर्ष में केवल एक बार, नागपंचमी के दिन दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता है। मंगलवार की दोपहर तक ही 3 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, और प्रशासन को अनुमान है कि रात 12 बजे तक यह संख्या 10 लाख को पार कर जाएगी।

Read More

साँझ..

उम्र की इस साँझ में, जब तुम स्वयं से मिले — यह कविता जीवन की उस अवस्था की बात करती है जहाँ इंसान अपने अनुभवों और अधूरी इच्छाओं की परछाइयों से रूबरू होता है। मन की चुप्पी में जब आत्मा खुद से सवाल करती है — ‘क्यों इतने भ्रम में ढले?’ — तो यह जीवन की उन अधूरी आकांक्षाओं और खोई हुई संभावनाओं की ओर इशारा करता है जो समय के साथ रह गईं।

कविता का केन्द्रीय भाव यह है कि जो हम जीवन भर बाहर खोजते हैं — जैसे संतोष, प्रेम, आत्मिक शांति — वो हमारे ही भीतर है, ठीक उसी तरह जैसे मृग के भीतर ही कस्तूरी होती है। लेकिन मन फिर भी किसी सहारे, किसी उम्मीद की डोर से बंधा रहता है।

‘हर किसी की राह में एक अधूरा काश है’ — यह पंक्ति जीवन की सार्वभौमिक सच्चाई को व्यक्त करती है कि हर इंसान के मन में कुछ अधूरी इच्छाएँ रह जाती हैं। और शायद वही अधूरापन हमें इंसान बनाता है, हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

Read More

‘बेरंग’ ने खोले किशोरों के मन के दरवाज़े

सिर्फ बस्तियों या निम्न वर्गों में नहीं, बल्कि समृद्ध समाजों में भी किशोर अपराध देखने को मिलते हैं। हम तब ही इस पर चर्चा करते हैं जब कोई बड़ा हादसा हो, जैसे हाल ही में पुणे की पोर्श दुर्घटना। लेकिन हमें ऐसे मामलों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। सभी सामाजिक पृष्ठभूमि के बच्चों को समझने की जरूरत है।” यह विचार प्रसिद्ध लघु फिल्म निर्देशक राहुल पनशिकर ने नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (NFAI) में अपनी लघु फिल्म ‘बेरंग’ की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर व्यक्त किए।यह फिल्म किशोरों की मानसिक और भावनात्मक जद्दोजहद को संवेदनशील तरीके से दर्शाती है।‘बेरंग’ का निर्माण राहुल्स ग्राफिक्स ने किया है और इसका समर्थन फ्लीटगार्ड फिल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है।

Read More

वेस्टर्न रेलवे ने हर्षोल्लास से मनाया बांद्रा स्टेशन महोत्सव

पश्चिम रेलवे द्वारा 26 जुलाई 2025 को “बांद्रा स्टेशन महोत्सव” उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर बांद्रा स्टेशन की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष स्मारक कवर के विमोचन से हुई, जिसे पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक प्रदीप कुमार, मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज सिंह और डाक सेवा निदेशक काया अरोरा ने जारी किया।

Read More

दादा वासवानी की जयंती पर ‘मूवमेंट ऑफ कैल्म’ वॉकाथॉन

सद्गुरु दादा जे. पी. वासवानी की जयंती (2 अगस्त – ग्लोबल फॉरगिवनेस डे) के उपलक्ष्य में सद्गुरु वासवानी मिशन की युवा शाखा ‘ब्रिज बिल्डर्स’ द्वारा पुणे, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और न्यूयॉर्क में ‘मूवमेंट ऑफ कैल्म’ वॉकाथॉन का आयोजन किया गया।

पुणे के कोरेगांव पार्क में बारिश के बावजूद 800 से अधिक प्रतिभागी सुबह 6:30 बजे 3 किमी की इस अद्वितीय यात्रा में शामिल हुए। शुरुआत सद्गुरु वासवानी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (SVIMS) से हुई। वॉक से होने वाली आय नि:शुल्क बच्चों की हृदय शल्य चिकित्सा के लिए दान की जाएगी।

Read More

सिक्किम और अरुणाचल की हिमालयी झीलों का मूल्यांकन

नागालैंड विश्वविद्यालय की अगुवाई में सिक्किम और अरुणाचल की ऊँचाई वाली झीलों पर आधारित एक बहुवैज्ञानिक शोध परियोजना के तहत बर्फीली झीलों के फटने (GLOF) की संभावनाओं का गहराई से मूल्यांकन किया जा रहा है। बाथीमेट्रिक सर्वे, ड्रोन मैपिंग और 2D/3D फ्लड मॉडलिंग के ज़रिए इन झीलों की स्थिरता, पारिस्थितिकीय खतरे और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।

Read More

आईआईएम लखनऊ ने मनाया 41वां स्थापना दिवस

आईआईएम लखनऊ ने अपना 41वां स्थापना दिवस मनाते हुए शिक्षा, सेवा और सांस्कृतिक समावेशन का संदेश दिया। इस अवसर पर आईएएस नेहा प्रकाश ने बतौर मुख्य अतिथि नेतृत्व और सहानुभूति की भूमिका पर प्रकाश डाला। वृक्षारोपण, खेल स्पर्धाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पुरस्कार वितरण जैसी गतिविधियों से आयोजन को यादगार बनाया गया।

Read More

वो घर मेरा

वो मेरा पुराना घर… जहां न बेफिक्री की कोई सीमा थी, न रिश्तों में कोई दीवार। सालों बाद लौटने पर जैसे समय थम गया। हर कोना, हर दीवार, और बंद पड़ी घड़ी मानो कुछ कहने को बेताब थी। वहां अब भी माँ की पुकार गूंजती है, पर उस चूल्हे की आग बुझ चुकी है। सब कुछ वहीं था, लेकिन जीवन का शोर-गुल, हँसी और मिल बैठने की वो आत्मीयता कहीं खो गई थी। आज सबके अपने कमरे हैं, लेकिन दिलों की दूरी बढ़ गई है। कविता एक भावुक पुकार है – लौट चलें उस पुराने आँगन की ओर, जहाँ त्योहार सिर्फ रस्म नहीं, रिश्तों का उत्सव होते थे।”

Read More

70 की उम्र में सांप को गले लगाकर दिया का संदेश

एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने सांप को लेकर समाज में फैले डर और भ्रांतियों को तोड़ते हुए ऐसा साहसिक कदम उठाया कि पूरा इंटरनेट देखता रह गया। पुणे जिले के एक गांव की शकुंतला सुतार ने अपने घर में घुसे एक अजहरी (धामन) सांप को न सिर्फ बेधड़क उठाया, बल्कि उसे गले में डालकर लोगों को जागरूक करने का संदेश भी दिया।

Read More

सर्टिफिकेट

सिर्फ़ शादी होना सर्टिफिकेट नहीं होता, माँ!” — अनीता की ये बात एक सशक्त सामाजिक सवाल खड़ा करती है: क्या एक स्त्री की स्वतंत्रता और निर्णय का मापदंड सिर्फ विवाह होना चाहिए?

Read More