महिदपुर रोड पर घना कोहरा और हल्की फुहारें
महिदपुर रोड पर सर्दियों का पहला असली झटका महसूस हुआ. घना कोहरा और हल्की फुहारों ने शहर को जादुई रूप दिया. मौसम विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की चेतावनी दी.

महिदपुर रोड पर सर्दियों का पहला असली झटका महसूस हुआ. घना कोहरा और हल्की फुहारों ने शहर को जादुई रूप दिया. मौसम विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की चेतावनी दी.
वह लड़की ज़िंदगी को प्रेम की तरह जीना चाहती थी .शहर की भागदौड़ से दूर, पहाड़ों और जंगलों के बीच, हवा में बाँसुरी की धुन सुनते हुए। उसके हाथ में हमेशा पेन रहता, और हर शब्द उसके दिल की गहरी भावना बन जाता। वह जानती थी कि मौत भी तभी खूबसूरत होगी, जब वह लिखते-लिखते उसे मिले. जैसे जीवन का हर पल उसके प्यार और उसकी स्याही में समा गया हो।
हिंसा और अहिंसा केवल शब्द नहीं, बल्कि मनुष्य की सोच और कर्म की दिशा हैं। कोई शरीर को मारता है, कोई मन को—और दोनों ही पीड़ा छोड़ जाते हैं। जो तड़पते को देखकर भी अकड़ जाए, वही सच्ची हिंसा है; और जो बिना कहे दुख हर ले, वही अहिंसा। जीवन की असली परीक्षा वहीं है, जहाँ करुणा सवाल बनकर खड़ी हो जाती है।
सीमाओं पर खड़ा सैनिक सिर्फ़ बंदूक नहीं थामे होता, वह अपने घर, अपने बच्चों की हँसी और माता-पिता की आँखों की प्रतीक्षा भी वहीं छोड़ आता है। सर्दी, गर्मी और बरसात उसके लिए मौसम नहीं, कर्तव्य की परीक्षा होते हैं। देश की शान उसके कदमों में और भारत की नींद उसकी आँखों की जाग में सुरक्षित रहती है। यही कारण है कि हर दुआ, हर नमन और हर उम्मीद सबसे पहले उसी के नाम लिखी जाती है।
बुढ़ापा जब शरीर को नहीं, आत्मसम्मान को थका देता है.तब बहू के हाथ का हलवा भी माँ की आँखों में
बीते दिनों की कसक भर देता है।
जुन्नर (महाराष्ट्र) से गुजरात तक तेंदुओं का बड़ा “मूवमेंट” होने वाला है। केंद्रीय प्राणी संग्रहालय प्राधिकरण ने 19 दिसंबर को महाराष्ट्र के जुन्नर वन विभाग के 50 जंगली तेंदुओं को गुजरात के ग्रीन प्राणी शास्त्रीय बचाव और पुनर्वास केंद्र में स्थानांतरित करने की मंजूरी दी है। इस निर्णय से जुन्नर वन क्षेत्र के मानव-वन्यजीव संघर्ष में राहत मिलने की उम्मीद है।
जब आसमान साफ हो और अचानक पक्षी नीचे उड़ने लगें, मेंढक शोर मचाने लगें या पालतू जानवर बेचैन हो जाएं, तो बुज़ुर्ग अक्सर कहते हैं, “आज बारिश होने वाली है.” सवाल यह है कि क्या जानवर सच में मौसम की आहट पहले सुन लेते हैं. विज्ञान कहता है, हां, लेकिन एक अलग तरीके से.
नया साल, चमकती रोशनी, जश्न में डूबा न्यूयॉर्क और उसी भीड़ में एक ऐसा पल जो किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था. रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण का न्यू ईयर सेलिब्रेशन अब सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की सबसे चर्चित लव स्टोरी बन चुका है.
यह लेख कैशलेस दौर के बीच घरेलू महिलाओं की उन छोटी-छोटी खुशियों को स्नेहिल व्यंग्य के साथ सामने रखता है, जो डिजिटल भुगतान की सुविधा में कहीं खो गई हैं। पति-पत्नी के साधारण संवाद के माध्यम से लेखिका स्मृतियों, आत्मसम्मान और भावनात्मक अधिकारों की बात करती हैं—जहाँ पति केवल जीवनसाथी नहीं, बल्कि भरोसेमंद “एटीएम” भी हुआ करते थे।