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जी लो जीवन को

सकारात्मक सोच पर हिंदी कविता

मीनू वर्मा, नोएडा (उत्तर प्रदेश)

छोड़ दो निराशा का हाथ,
हौसला रखो सदा पास।
जीवन है नश्वर, इस पर
करो न तुम कभी अभिमान।
जी लो जीवन को एक बार।

त्याग दो प्रतिकार की बात,
सद्भाव बढ़ाओ, कर प्रयास।
रुको न घबराकर पराजय से,
उम्मीद को रखो सदा साथ।
जी लो जीवन को एक बार।

चुनौती स्वीकार करो खुलकर,
छल-कपट आने दो पास न एक पल।
करो न मन को कभी उदास,
जी लो जीवन को एक बार।

गैरों के दुःख-दर्द में सतत,
साथ हो लो तुम भी क्षण भर।
अपनी ख़ुशी थोड़ी-सी देकर,
दुआएँ ले लो उनसे हज़ार।
जी लो जीवन को एक बार।

हमजोली है जीवन दो पल का,
करो न इस पर कभी एतबार।
कर्म से सार्थक करो स्वयं को,
एक क्षण भी न करो बर्बाद।
जी लो जीवन को एक बार।

बीत न जाए वक्त तुम्हारा
कागज़ के टुकड़े कमाने में।
उपयोग करो इसका थोड़ा तो
रोते चेहरों को हँसाने में।

अतीत की गहराई में डूबकर,
करो न स्वयं को कभी हताश।
वर्तमान की खुशियों को समेटकर,
जी लो जीवन को एक बार।


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