उज्जैन में नववर्ष पर उमड़ा सैलाब, रामघाट पर दिखी आस्था
उज्जैन में हिंदू नववर्ष 2083 की शुरुआत रामघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ और सूर्य अर्घ्य के साथ हुई. चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर मंदिरों में विशेष पूजा और आयोजन शुरू हो गए हैं.

उज्जैन में हिंदू नववर्ष 2083 की शुरुआत रामघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ और सूर्य अर्घ्य के साथ हुई. चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर मंदिरों में विशेष पूजा और आयोजन शुरू हो गए हैं.
मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में होली और रंगपंचमी के अवसर पर लगने वाला डोल मेला आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। झरावदा, गोगापुर और कसारी जैसे गांवों में श्रद्धालु अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
सिंहस्थ 2028 के लिए प्रशासन ने भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन का बड़ा खाका तैयार किया है। घाट से 1–2 किमी की परिधि में 3-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें 5 से 7 लाख वाहनों की क्षमता होगी। फोर-लेन और सिक्स-लेन मार्गों से जुड़ी पार्किंग, अंडरपास और वैकल्पिक रूट के जरिए श्रद्धालुओं को कम पैदल दूरी और तेज निकासी का अनुभव देने की तैयारी है।
मातृशक्ति भजन मंडली न्यू शिवाजी नगर के फाग उत्सव 2026 में राधा-कृष्ण झांकी, भजन और रंग-गुलाल की मस्ती ने माहौल को भक्तिमय और आनंदमय बना दिया।
महाशिवरात्रि 2026 के दौरान श्री क्षेत्र भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर भक्तों के लिए बंद रहेगा. नए भव्य सभामंडप, सीढ़ी मार्ग और परिसर विकास कार्यों के चलते सुरक्षा कारणों से जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है. 12 से 18 फरवरी तक मंदिर में दर्शन संभव नहीं होंगे.
पुण्योदय के योग से हमें परमात्मा का जिन शासन और जैन कुल प्राप्त हुआ है. मनुष्य भव को सफल बनाने के लिए केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और विधिपूर्वक अष्टप्रकारी पूजा के साथ धर्म आराधना आवश्यक है. देव, गुरु और धर्म के प्रति जागृत भाव ही जीवन को सही दिशा देते हैं.
पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा. के दीक्षा दिवस पर ज्ञान मंदिर में दिनभर गुरु भक्ति, प्रवचन, तप, जाप और महाआरती के आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए.
महिदपुर रोड में साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश। गुरुदेव जयघोष, धर्मसभा और रतलाम चातुर्मास निमंत्रण।
“महिदपुर रोड में RSS शताब्दी वर्ष के अवसर पर भगवा रैली, रथ पर राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान, लोग फूल बरसा रहे हैं।”
महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।