
चंद्रवती दीक्षित, प्रसिद्ध लेखिका, करनाल (हरियाणा)
आओ करें कुछ काम ।
याद करें हिंदी महीनों के नाम ॥
चैत्र का प्रथम आए महीना ।
मेहनत का इसमें बहाएँ पसीना ॥
दूजा आया विद्वान वैशाख ।
फसल की इसमें जमती साख ॥
तीसरा आया ज्येष्ठ मास ।
तेज गर्मी में उथल पुथल साँस ॥
चौथा महीना आषाढ़ का आया ।
वर्षा ऋतु की शुरुआत लाया ॥
पाँचवा श्रावण महीना न्यारा ।
शिव पूजा से हर पल उजियारा ॥
भाद्रपद है छठवाँ मास ।
गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी के लिए खास ॥
अश्विन सातवाँ मास निराला ।
पितृपक्ष, नवरात्रि, दशहरे का उत्सव आला ॥
आठवाँ मास कार्तिक का आए ।
दिवाली, छठ पूजा की बहार लाए ॥
मार्गशीर्ष है नौंवा मास ।
ठण्ड की शुरुआत की मीठी आस ॥
पौष मास दसवें क्रम पर आता।
कड़ाके की ठंड का सितम ढहाता ॥
ग्यारवाँ मास माघ अलबेला ।
माघ और बसंत पंचमी का लगता मेला ॥
फालगुन बारहवाँ मास रंगीला ।
होली पर्व से सब करे सजीला ॥
हिंद देश की संस्कृति अनूठी ।
सबको पिलाती संजीवन बूटी ॥