
डॉ. कृष्णा जोशी, प्रसिद्ध लेखिका, इंदौर
मिलकर करें हम सब यदि प्यार का इज़हार।
ज़िंदगी में खूबसूरत होगा सबका किरदार।।
इज़हार से होती हैं सारी गलतफहमियां दूर।
तो क्यों न करें हम अपनों पर विश्वास भरपूर।।
इज़हार से महफिल में बढ़ती है अपनों से चाह।
मंजिल भी मिल जाती है, आसान होती है राह।।
इज़हार, एतबार और प्यार भी इतना नहीं है आसान।
समझना होगा जज़्बात को, ऐ दिल-ए-नादान।।
डॉ. कृष्णा जोशी की यह कविता भी पढ़ें
इज़हार करते हुए कभी भी न तुम शरमाना।
इज़हार से ही मिलेगा हमें प्यार का परवाना।।
प्यार और इज़हार के आसपास ही घूमती है जिंदगी सारी।
दर्द और रुसवाइयों के बाद भी लगती है यह प्यारी।।
जिसने भी जाना है इस प्यार में जीना और मरना।
उसने कभी सीखा नहीं है मुसीबतों से डरना।।
