
चन्द्रवती दीक्षित, करनाल (हरियाणा)
ये प्यारा-सा ख़त सैनिकों के नाम,
हृदय से नमन तुमको,
महान देश के जाँबाज़।
सर्दी-गर्मी या बरसात,
करते सदा कर्तव्य का आग़ाज़।
मात-पिता, पत्नी, बच्चे,
छोड़े राम हवाले।
प्रहरी बन दें पहरा,
बनें देश के रखवाले।
अपने-पराये का भेद नहीं,
देते देश हित प्राण।
आँधी, तूफ़ान या आए भूकंप,
अडिग रह बढ़ाएँ देश की शान।
तुमसे रोशन सारा जहाँ,
देवें तुम्हें दुआएँ।
हर पल रहें सलामत आप,
हिम्मत की चलें हवाएँ।
हम भी आपसे करते वादा,
अपना फ़र्ज़ निभाएँगे।
जल्दी आओ विजय सेहरा बाँध,
सब मिल गीत खुशी के गाएँगे।