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आज लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण

भाद्रपद पूर्णिमा के अवसर पर आज साल का अंतिम खग्रास चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह खगोलीय घटना भारत समेत विश्व के कई हिस्सों में दिखाई देगी। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट 2 सेकंड होगी।

चंद्र ग्रहण का सूतक काल

चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। परंपरानुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण प्रारंभ होने से 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। इस अवधि में धार्मिक कार्य, भोजन-भोजन आदि परंपरागत रूप से वर्जित माने जाते हैं।

चंद्र ग्रहण का समय

  • उपच्छाया (पेनुम्ब्रल) स्पर्श : रात 8:59 बजे
  • प्रच्छाया (अम्ब्रल) स्पर्श / ग्रहण प्रारंभ : रात 9:58 बजे
  • खग्रास आरंभ : रात 11:01 बजे
  • परमग्रास (पूर्ण आवरण) : रात 11:42 बजे
  • खग्रास समाप्ति : रात 12:22 बजे
  • ग्रहण समापन : देर रात 1:27 बजे

विशेष ज्योतिषीय योग

यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में घटित होगा। ग्रहण काल के दौरान धृति योग भी बनेगा, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है।

खग्रास चंद्र ग्रहण क्या होता है?

खग्रास चंद्र ग्रहण वह अवस्था है जब पृथ्वी अपनी छाया से चंद्रमा को पूरी तरह ढक लेती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग लालिमा लिए हुए दिखाई देता है, जिसे आम बोलचाल में “ब्लड मून” भी कहा जाता है।

धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि

हिंदू मान्यताओं में चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य निषिद्ध रहते हैं। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह घटना पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के एक सीध में आने से घटित होती है।

आज का यह खग्रास चंद्र ग्रहण न केवल खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए विशेष अवसर है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी इसका महत्व माना जाता है।

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