अंतरराष्ट्रीय संग्रहालयों के स्तर की है शिवसृष्टि की भव्यता

बाबासाहेब पुरंदरे की जयंती तिथि पर अभिनेता प्रवीण तरड़े ने कहा

पुणे, २९ जुलाई
जब हम विदेशों के पर्यटन स्थल या संग्रहालयों में जाते हैं, तो वहॉं की ऐतिहासिक प्रस्तुति, भव्यता और स्वच्छता देखकर हम अभिभूत हो जाते हैं्. लेकिन अब ऐसी ही भव्यता और जीवंतता पुणे स्थित शिवसृष्टि में देखने को मिल रही है. यह भावनाएं प्रसिद्ध अभिनेता प्रवीण तरडे ने महाराजा शिवछत्रपति प्रतिष्ठान द्वारा निर्मित शिवसृष्टि का दौरा करने के बाद व्यक्त कीं.नागपंचमी के अवसर पर पद्मविभूषण कै. शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे की जयंती तिथि के अनुसार शिवसृष्टि में मनाई गई्. इस अवसर पर प्रवीण तरडे ने शिवसृष्टि में पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और अपने विचार साझा किए.इस अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी और अभिनेत्री स्नेहल तरडे, ढोले पाटील शैक्षणिक संस्थान के अध्यक्ष सागर ढोले पाटील और उनकी पत्नी उमा ढोले पाटिल, प्रतिष्ठान के विश्वस्त अमृत पुरंदरे, विनीत कुबेर, शिवसृष्टि के प्रशासनिक अधिकारी अनिल पवार, आंबेगांव के पूर्व सरपंच शंकरराव बेलदरे पाटिल, पूर्व उपसरपंच दिनेश कोंढरे, सलाहकार बिरू खोमणे और सामाजिक कार्यकर्ता गुणेश पुरंदरे सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे.
शिवसृष्टि का निर्माण बाबासाहेब पुरंदरे का सपना था. आज जब यह सपना साकार होता हुआ देखता हूँ, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं्. महज २-३ घंटे में छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य का अनुभव लेना हो, तो हर किसी को शिवसृष्टि जरूर देखनी चाहिए. यहॉं की सुंदरता आँखों में बस जाती है. महाराज का स्वराज्य, स्वधर्म, और स्वभाषा जैसी मूलभावनाओं को यहां बहुत सजीव रूप में अनुभव किया जा सकता है. महाराज ने जिन दुर्गों को खड़ा करने में जीवन लगा दिया, उनकी लड़ाइयॉं, उनका महत्व आज के अत्याधुनिक तकनीक से देखने को मिल रहा है.उन्होंने आगे कहा कि यूरोप, दक्षिण कोरिया, जापान जैसे देशों में अपने इतिहास को प्रस्तुत करने की भव्यता और अनुशासन देखकर हम प्रभावित होते हैं, लेकिन वैसी ही प्रस्तुति अब शिवसृष्टि में भी देखी जा सकती है. यह स्थान नई पीढ़ी को शिवाजी महाराज की सच्ची छवि दिखाने में सक्षम है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे परिवार, पड़ोसियों और मित्रों को शिवसृष्टि जरूर दिखाएं्.प्रवीण तरडे ने यह भी कहा, हम अक्सर किसी के जन्मदिन पर उपहार देते हैं, लेकिन अब से हमें शिवसृष्टि का टिकट उपहार में देकर अपने इतिहास को घर-घर तक पहुँचाना चाहिए्.शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे की जयंती पर १०ु६ फीट की भव्य रंगोली भी बनाई गई थी. इसे नीलम शिवतरे, पूनम पवार, नेहा दीक्षित, श्रीराम महामुनी और योगिता जाधव ने मिलकर तैयार किया.

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